Ranchi : एक ओर सरकारी दफ्तरों की चुप्पी, दूसरी ओर ग्रामीणों का उबाल, रांची एयरपोर्ट के आसपास की जमीन को लेकर आज ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि अरगोड़ा अंचल कार्यालय की दीवारें भी कांप उठीं। तीन मौजा हुंडरू, हेथु और हिनू के सैकड़ों रैयतों व ग्रामीणों ने अपनी जमीन को सेना के कथित अवैध कब्जे और अंचल प्रशासन द्वारा चुपचाप “माफी” देने के विरुद्ध जमकर प्रदर्शन किया। नारे गूंजे, “सेना की मनमानी नहीं चलेगी।”, “रैयतों की जमीन वापस करो।” “CO की मिलीभगत बंद करो।” प्रदर्शन से पहले खोखमा टोली, देवठान जतरा स्थल से निकला जुलूस जैसे-जैसे इंदिरा पैलेस होते हुये अंचल कार्यालय की ओर बढ़ा, रास्ते में जन-सैलाब बन गया। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट विस्थापित मोर्चा के बैनर तले निकले इस जुलूस में महिलाएं, बुज़ुर्ग, नौजवान सभी शामिल थे। आंखों में आक्रोश, हाथों में झंडे और गले में न्याय की पुकार।
CO नदारद, जनता नाराज
इल्जाम है कि पूर्व सूचना के बावजूद CO कार्यालय से गायब हो गये। जिससे लोगों का गुस्सा उबाल पर आ गया। जनसभा में साफ चेतावनी दी गई कि “अगर बिना रैयतों की जानकारी के मापी की गई, तो विरोध होगा और अंचल प्रशासन जिम्मेदार होगा।” सभा के अंत में ऐलान किया गया कि अगला बड़ा घेराव अब नामकुम अंचल कार्यालय में होगा। प्रभारी अंचल निरीक्ष को एक मांग पत्र सौंपा गया। सभा की अध्यक्षता अजीत उरांव ने की और संचालन किया प्रकाश टोप्पो ने किया। वक्ताओं में पुष्पा तिर्की, सुरेश गोप, छोटेलाल गोप, विनय कच्छप, कमल झा, विजय कच्छप, सूरज कच्छप, विनोद गाड़ी, बिरसा मुंडा, तेतरा उरांव, अमित कच्छप और रोहित तिर्की शामिल थे।








