Kohramlive : आज जब सूरज की पहली किरण समंदर की लहरों से लिपटी, तब विशाखापत्तनम की धरती पर इतिहास सांसें ले रहा था। 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भारत के लाखों दिलों की धड़कनें एक साथ धड़कीं योग की ताल पर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद आंध्र प्रदेश के इस मोती जैसे शहर में पहुंचे, जहां समंदर की लहरें भी शायद आज कुछ ज्यादा ही शांत थीं। उनके साथ योग की चटाइयों पर देश की सेना, जनता और संतुलन की तलाश में जुटे अनगिनत लोग एक साथ झुके, उठे और योग की लय में खो गये।
PM मोदी ने याद दिलाया वो दिन जब भारत ने संयुक्त राष्ट्र में योग का प्रस्ताव रखा था और 175 देशों ने एक साथ हामी भरी थी। वे बोले “ये कोई साधारण समर्थन नहीं था, ये भारत की आत्मा की जीत थी।” प्रधानमंत्री ने कहा, “दुनिया आज बेचैन है, तनाव में है… ऐसे समय में योग मानवता के लिए ‘विराम बटन’ है। यह हमें थमने, सोचने और फिर से खुद को पाने का रास्ता दिखाता है।”
जहां समंदर ने भी योग किया
विशाखापत्तनम के आरके बीच पर 11,000 से ज्यादा नौसैनिकों और उनके परिवारों ने प्रधानमंत्री के साथ योग किया। समंदर के किनारे खड़ी भारतीय नौसेना के जहाज़ों ने भी इस शांत क्रांति में हिस्सा लिया। एक अद्भुत दृश्य, जैसे लहरें भी योग कर रही हों।
देशभर में फैली ये लहर
दिल्ली में सेना के उपप्रमुख ने करिअप्पा परेड ग्राउंड में योग किया, तो गोरखपुर में CM योगी ने कहा, “शरीर स्वस्थ हो तो इच्छाएं भी मुस्कुराती हैं। योग हमारी सनातन परंपरा की आत्मा है।” उधर, उधमपुर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने योग को परिभाषित किया कि “योग केवल शरीर का नहीं, पूरे समाज को जोड़ने का नाम है।”
Yoga isn’t just an exercise. It is a way of life. Wonderful to join this year’s Yoga Day celebrations in Visakhapatnam. https://t.co/ReTJ0Ju2sN
— Narendra Modi (@narendramodi) June 21, 2025
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