Kohramlive : भारत के महान फोटोग्राफर रघु राय(Raghu Rai) का 83 साल की उम्र में निधन हो गया। छह दशकों तक उन्होंने अपने कैमरे से भारत की आत्मा, संघर्ष और सच्चाई को जिस तरह कैद किया, वह अब इतिहास बन चुका है। पाकिस्तानी पंजाब के एक गांव में जन्मे राय ने इंजीनियरिंग से शुरुआत की, लेकिन किस्मत उन्हें फोटोग्राफी की दुनिया में ले आई, जहां उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।
Raghu Rai को देशभर से श्रद्धांजलि दी जा रही
उनकी पहली तस्वीर, एक गधे की, ‘द टाइम्स ऑफ लंदन’ में छपी थी और यहीं से शुरू हुआ एक ऐसा सफर, जिसने 1971 के बांग्लादेश युद्ध से लेकर 1984 की भोपाल गैस त्रासदी तक हर बड़े लम्हे को दुनिया के सामने ला दिया। उनकी तस्वीरें सिर्फ फोटो नहीं थीं, बल्कि दौर की सच्चाई का आईना थीं।
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रघु राय को अंतरराष्ट्रीय पहचान तब मिली जब उन्हें मैग्नम फोटो का सदस्य बनाया गया। यह सम्मान उन्हें खुद दिग्गज हेनरी कार्टियर-ब्रेसों ने दिलाया। उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म श्री समेत कई बड़े पुरस्कारों से नवाजा गया। उनके निधन पर देशभर से श्रद्धांजलि दी जा रही है। राहुल गांधी ने कहा कि “उन्होंने तस्वीरें नहीं, देश की यादें सहेजी हैं”, वहीं शशि थरूर ने उन्हें भारत की आत्मा को कैद करने वाला दूरदर्शी बताया। रघु राय खुद कहते थे कि “कैमरे के बिना मैं अपने अनुभवों के प्रति सच्चा नहीं रह सकता।”






