Bihar : वक्त बदला तो संवाद का अंदाज भी बदल गया। कभी सरकारी योजनाओं की जानकारी अखबारों की सुर्खियों और प्रेस रिलीज के जरिये लोगों तक पहुंचती थी। फिर Facebook और X का दौर आया। लेकिन अब बिहार में Gen Z की डिजिटल दुनिया ने सरकारी संवाद की दिशा ही बदलने का संकेत दे दिया है। अब बात लंबी प्रेस रिलीज की नहीं, कुछ सेकेंड की Reel और छोटे वीडियो में पूरी कहानी कह देने की है। युवाओं के बदलते सोशल मीडिया ट्रेंड को देखते हुये सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी अब Instagram Reels, Telegram और शॉर्ट वीडियो के जरिये ज्यादा प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। योजनाओं की जानकारी छोटे और आसान वीडियो में दी जायेगी। Instagram Reels पर खास फोकस रहेगा। Telegram के जरिये सूचनाएं युवाओं तक पहुंचाई जायेंगी। इंफोग्राफिक्स के माध्यम से जटिल जानकारी को आसान बनाया जायेगा। कंटेंट क्रिएटर्स को तथ्यात्मक और जिम्मेदार कंटेंट के लिये प्रोत्साहित करने की पहल की जा रही है।
Facebook-X के बाद Instagram का दौर
लंबे समय तक राजनीतिक और सरकारी संवाद में Facebook और X जैसे प्लेटफॉर्म प्रमुख रहे। लेकिन नई पीढ़ी की उंगलियां अब तेजी से Instagram की स्क्रीन पर स्क्रॉल कर रही हैं। यही वजह है कि नेता और सरकारी विभाग भी युवाओं की पसंद के मुताबिक अपनी डिजिटल रणनीति बदल रहे हैं। अब संदेश जितना छोटा, दृश्यात्मक और सीधे मुद्दे पर होगा, उसके ज्यादा लोगों तक पहुंचने की उम्मीद उतनी ही बढ़ेगी। सरकारी योजनाओं के प्रचार में कंटेंट क्रिएटर्स को प्रोत्साहित करने की पहल भी इसी बदलाव का हिस्सा है। मकसद है कि योजनाओं की जानकारी तथ्यात्मक, सरल और युवाओं की भाषा में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे।
छात्र आंदोलनों ने भी दिखाया सोशल मीडिया का असर
हाल के छात्र आंदोलनों के दौरान Instagram और Telegram की सक्रिय भूमिका ने सरकारों को यह समझने का एक और मौका दिया कि Gen Z तक पहुंचने के लिये सोशल मीडिया कितना प्रभावी माध्यम बन चुका है। अब सरकारें भी उसी डिजिटल गलियारे में अपनी आवाज बुलंद करने की तैयारी में हैं, जहां युवा पहले से मौजूद हैं।








