UP : जिस जगह पार्टी की रणनीति, संगठन और अनुशासन की बातें होनी थीं, बुधवार को वहीं कुर्सी पर बैठने का विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। नौबस्ता स्थित भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय में क्षेत्रीय प्रभारी शंकर लाल लोधी के स्वागत समारोह के दौरान दो भाजपाई आपस में भिड़ गये। मामला इतना बढ़ा कि लात-घूंसे और चप्पलें तक चल गईं। हंगामे के बीच क्षेत्रीय अध्यक्ष राम किशोर साहू को हस्तक्षेप करना पड़ा। दोनों पक्षों को कार्यालय से बाहर निकाला गया, लेकिन बाहर भी विवाद थमा नहीं और मारपीट हुई।

कुर्सी पर बैठने को लेकर शुरू हुई कहासुनी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्रीय कार्यालय के सभागार में शंकर लाल लोधी के प्रथम आगमन पर स्वागत कार्यक्रम रखा गया था। इसी दौरान दक्षिण इकाई के विनय सिंह राठौर और पूर्व जिला मंत्री शिवपूजन सविता क्षेत्रीय प्रभारी का स्वागत करने मंच पर पहुंचे। खबर है कि मंच से लौटने के बाद दोनों के बीच कुर्सी पर बैठने को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बात गालीगलौज तक पहुंची और दोनों के बीच मारपीट शुरू हो गई। दक्षिण इकाई के जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग कराया।कुछ देर बाद दोनों नेता एक बार फिर आमने-सामने आ गये। इस बार विवाद ने और उग्र रूप ले लिया और चप्पलें चलने लगीं। क्षेत्रीय अध्यक्ष ने दोनों को स्वागत कक्ष से बाहर निकलवा दिया। लेकिन बाहर निकलने के बाद भी दोनों पक्षों के बीच मारपीट जारी रही। कार्यकर्ताओं ने किसी तरह दोनों को अलग किया। मारपीट में कुछ लोगों के कपड़े तक फट गये।

‘अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी’
घटना से नाराज क्षेत्रीय अध्यक्ष राम किशोर साहू ने मंच से ही सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि भाजपा जैसे संगठन में इस तरह की अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं की जायेगी। उन्होंने मामले की जांच के लिये पांच सदस्यीय कमेटी का ऐलान किया। कमेटी में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अशोक राजपूत, क्षेत्रीय मंत्री सुनील तिवारी, जिलाध्यक्ष उत्तर अनिल दीक्षित, जिलाध्यक्ष दक्षिण शिवराम सिंह, जिलाध्यक्ष ग्रामीण उपेंद्र पासवान शामिल हैं। क्षेत्रीय अध्यक्ष के मुताबिक, कमेटी तीन दिन में अपनी रिपोर्ट देगी और रिपोर्ट के आधार पर अनुशासनहीनता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने निष्कासन तक की बात कही। इस बीच प्रत्यक्षदर्शी कार्यकर्ताओं के हवाले से मीडिया में आई खबरें के मुताबिक, कुर्सी को लेकर विवाद के दौरान पहले शिवपूजन ने विनय को थप्पड़ मारा, जिसके बाद मारपीट शुरू हुई। मामला किसी तरह शांत कराया गया। इसके बाद आरोप है कि विनय ने पीछे से आकर शिवपूजन पर चप्पल से वार किया, जिसके बाद दोबारा मारपीट शुरू हो गई। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम और लगाये गये आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। मारपीट के बाद शिवपूजन सविता अपने समर्थकों के साथ हनुमंत विहार थाने पहुंचे। उन्होंने प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। शिवपूजन ने आरोप लगाया कि उन्हें जातिसूचक गालियां दी गईं और अपमानित कर मारपीट की गई। पुलिस द्वारा तत्काल प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने के विरोध में वह समर्थकों के साथ थाने के गेट पर धरने पर बैठ गये। करीब चार घंटे तक धरना चला। रात लगभग 9.30 बजे पुलिस शिवपूजन को मेडिकल परीक्षण के लिये कांशीराम अस्पताल ले गई।








