Chouparan(Krishna Paswan) : गर्मियों की तपन में जहां एक ओर खेत-खलिहान सूने थे, वहीं चौपारण का सुरेखा प्रकाश भाई पब्लिक स्कूल छात्रों की मुस्कान, रंगों की खुशबू और गीतों की गूंज से महक उठा। नवभारत जागृति केंद्र द्वारा संचालित इस विद्यालय में आयोजित समर कैंप न केवल शिक्षा का, बल्कि संवेदना और संकल्प का उत्सव बन गया। कैंप का उद्घाटन विद्यालय की प्राचार्या रीना पांडे ने किया, जहां शिक्षकों, युवाओं और नन्हे प्रतिभागियों की उपस्थिति ने माहौल को उल्लासपूर्ण बना दिया।
प्रतिभा की परछाइयों में उजाले की खोज
योग और एरोबिक्स से दिन की शुरुआत हुई, जब बच्चों की सांसों में ताल थी और शरीर में लय। परिसर में लगे स्टॉलों पर बच्चों ने स्वाद नहीं, सपनों को परोसा। व्यापार नहीं, विश्वास बेचा और जो सीखा, वो था सृजनशीलता का आत्मबल। रंगोली, पेंटिंग, संगीत, जैसे भावों के बहते झरनों ने साबित किया “कभी-कभी ब्रश से भी बदलती हैं दुनिया की तस्वीरें।” खेल के मैदान में, रस्साकशी और क्रिकेट की पिच पर टीमवर्क की ऐसी मिसालें बनीं, जहां हार-जीत नहीं, साथ चलने की प्रेरणा थी। एलकेजी-यूकेजी के बच्चों ने जब हथेलियों को रंगों में डुबोकर कैनवास पर सपनों की खेती की, तो हर चित्र में एक मासूम मुस्कान उग आई। प्राचार्या रीना पांडे का यह संदेश दिया कि “यह समर कैंप सिर्फ एक गतिविधि नहीं, छात्रों के भीतर छुपे उजाले की खोज है। हमें गर्व है कि हमारा हर शिक्षक और छात्र इस दीपोत्सव का दीपक बना।” इस आयोजन को सफल बनाने में जिन शिक्षकों की भूमिका अमिट रही, उनमें अमृता मैसी, आनंद कुमार, मुकेश कुमार से लेकर राकेश रंजन, उमेश भगत, अर्जुन कुमार दुबे, पूर्णिमा कुमारी, विवेक कुमार, मोहब्बत वारिस और शैलेन्द्र गुरु जैसे समर्पित नाम शामिल हैं।













