Kohramlive : IAS अधिकारी और देवरिया की जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने करीब 13 साल की सिविल सेवा के बाद इस्तीफा दे दिया है। देवरिया में जिलाधिकारी की कुर्सी संभालने के साथ ही IAS अधिकारी दिव्या मित्तल का कार्यकाल लगातार चर्चाओं में रहा। कभी जनप्रतिनिधियों के साथ टकराव, कभी प्रशासनिक फैसलों को लेकर उठे सवाल और कभी धार्मिक आयोजनों में उनकी सक्रियता, करीब 22 महीने का कार्यकाल कई विवादों और चर्चाओं के बीच गुजरा। दिव्या मित्तल जुलाई 2024 से 5 मई 2026 तक देवरिया की जिलाधिकारी रहीं। उनके कार्यकाल से जुड़े कुछ प्रमुख घटनाक्रमों ने जिले की सियासत से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक बहस छेड़ दी।
विधायक से तीखी नोकझोंक
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सबसे चर्चित घटनाओं में से एक 3 जुलाई 2025 को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी दिशा की बैठक में सामने आई। विकास भवन के गांधी सभागार में बरहज विधायक दीपक मिश्र और तत्कालीन DM दिव्या मित्तल के बीच देवरिया-करुअना मार्ग के निर्माण में देरी और सेवानिवृत्ति के बाद भी एक शिक्षिका के वेतन भुगतान के मुद्दे पर तीखी बहस हुई। विवाद बढ़ा तो बरहज विधायक बैठक छोड़कर चले गये। इसके बाद DM ने जनप्रतिनिधियों को प्रशासनिक नियमों और शासनादेश यानी जीओ का हवाला देते हुये अपनी बात रखी। मामले को शांत कराने के लिये MLC देवेंद्र प्रताप सिंह ने हस्तक्षेप किया। बाद में देवरिया विधायक शलभ मणि त्रिपाठी और तत्कालीन कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही की प्रतिक्रियाओं ने इस विवाद को और तूल दे दिया। मामला सिर्फ एक बैठक तक सीमित नहीं रहा। इसे जनप्रतिनिधि और प्रशासन के बीच तालमेल तथा लोकतांत्रिक मर्यादा से जोड़कर भी देखा गया।
शिक्षक की आत्महत्या के बाद फिर उठे सवाल
इसी दौर में तत्कालीन BSA शालिनी श्रीवास्तव की कार्यशैली को लेकर भी विवाद सामने आया। DM दिव्या मित्तल पर BSA का बचाव करने के आरोप लगाये गये। बाद में शिक्षक कृष्णमोहन सिंह ने अपना प्रकरण निस्तारित नहीं किये जाने और रुपये मांगने का आरोप लगाते हुये आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठे और DM की कार्यशैली भी चर्चा में आई। हालांकि, उपलब्ध विवरण के अनुसार इस आत्महत्या प्रकरण में दिव्या मित्तल की कोई प्रत्यक्ष भूमिका स्थापित नहीं हुई थी। वहीं, 2 अक्टूबर 2023 को देवरिया के फतेहपुर में सात लोगों की हत्या के बाद मृतक प्रेमचंद यादव के घर की जमीन को लेकर भी विवाद उठा था। बताया गया कि जमीन सरकारी होने के बावजूद उस पर कार्रवाई का मामला प्रशासनिक स्तर पर लंबित रहा। मृतक के परिजन हाईकोर्ट भी पहुंचे थे, जहां उनकी याचिका खारिज हो गई। इसके बाद दिव्या मित्तल देवरिया की DM बनीं।
मंदिर में नृत्य का वीडियो बना विवाद की वजह
धार्मिक आयोजनों के दौरान दिव्या मित्तल के नृत्य से जुड़े वीडियो और तस्वीरों को लेकर भी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हुई। आलोचकों ने सवाल उठाया कि जिले के सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर बैठे अधिकारी को सार्वजनिक धार्मिक आयोजनों में किस तरह की मर्यादा और आचरण का पालन करना चाहिये। वहीं, उनके समर्थकों की ओर से इसे व्यक्तिगत आस्था और सामाजिक-सांस्कृतिक सहभागिता के तौर पर देखा गया। यही वजह रही कि यह मुद्दा सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक हलकों तक पद की गरिमा बनाम व्यक्तिगत सहभागिता की बहस में बदल गया।







