Dumka : झारखंड की उप राजधानी दुमका में अंकिता सिंह को जिंदा जला देने वाले गुनहगार शाहरूख हुसैन और नईम अंसारी उर्फ छोटू को उम्र कैद की सजा सुनाई गई। यह सजा दुमका के प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायाधीश पॉक्सो रमेश चंद्रा की अदालत ने सुनाई। इससे पहले बीते 19 मार्च को दोनों को दोषी करार दिया गया था। मारी गई अंकिता के पिता, बहन और जीजा कोर्ट में मौजूद थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये दोनों गुनहगारों को सजा सुनाई गई। पूर्व CM हेमंत सोरेन ने फास्ट ट्रैक में मामले की सुनवाई का आदेश दिया था। वहीं, तत्कालीन गर्वनर रमेश बैस ने कहा था कि एक लड़की जिसने अभी पूरी दुनिया भी नहीं देखी थी, उसका इस तरह से अंत बहुत ही पीड़ादायक है। इस प्रकार की जघन्य और पीड़ादायक घटना राज्य के लिए शर्मनाक है। गर्वनर ने इस घटना की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने की बात कही थी। यहां याद दिला दें कि 23 अगस्त 2022 को अंकिता अपने घर के अंदर सोई हुई थी, उसी वक्त भोर में 5 बजे शाहरूख हुसैन ने खिड़की से उसके बदन पर पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी थी। रिम्स में उसने आखिरी हिचकी ली थी। अंकिता का घर दुमका के जरूवाडीह मोहल्ले में है। अंकिता को शाहरूख गुजरे 2 साल से तंग-तबाह कर रहा था। जब अंकिता के घरवाले पुलिस के पास शिकायत करने पहुंचे तब शाहरूख के बड़े भाई ने माफी मांग ली और कहा अब वह ऐसा नहीं करेगा। कुछ रोज शांत रहने के बाद शाहरूख फिर से अपनी हरकतें शुरू कर दी।
मरने से पहले अंकिता ने मीडिया को बताया था कि मैं अपने कमरे में सो रही थी, अचानक कमरे की खिड़की के पास आग की लपटें देखकर मैं डर गई, जब मैंने खिड़की खोली तब देखा कि उसके मोहल्ले का शाहरूख हुसैन हाथ में पेट्रोल का कैन लिये घर की तरफ से भाग रहा था। तब तक वह आग की चपेट में आ चुकी थी, उसे तड़पते हुये कहा था कि बहुत जलन हो रही है। अंकिता ने मरने से पहले बताया था कि मैं सिर्फ यही देख पाई कि ब्लू टीशर्ट पहने और हाथ में पेट्रोल की कैन लिये भाग रहा वही शाहरुख था, जो पिछले 10-15 दिन से मुझे काफी परेशान कर रहा था। मोहल्ले में उसे आवारा किस्म के लड़के के रूप में सब जानते थे। उसका काम सिर्फ लड़कियों को परेशान करना और उन्हें अपने झांसे में लेकर इधर-उधर घुमाना था।
अंकिता ने मौत से पहले के अपने बयान में कहा कि पिछले दस-पंद्रह दिन से वह मेरा पीछा कर रहा था। जब भी मैं स्कूल या ट्यूशन के लिए जाती, वह मेरा पीछा करता। हालांकि, मैंने कभी उसकी हरकतों को सीरियसली नहीं लिया, लेकिन उसने कहीं से मेरे मोबाइल का नम्बर जुगाड़ लिया था। उसके बाद अक्सर मुझे फोन करके मुझसे दोस्ती करने का दबाव बनाने लगा था। अंकिता का कहना था कि शाहरूख ने जान से मार देने की धमकी दी थी। उस रात मैंने पापा को यह बात बताई तो उन्होंने कहा कि सुबह होने के बाद इस मामले का हल निकाला जायेगा। समस्या का हल निकलता, उससे पहले 23 अगस्त की सुबह शाहरुख ने पेट्रोल छिड़ककर मुझे जला डाला। जैसा उसने कहा था, वैसा कर दिखाया।













