Palamu : MP के गुना से पलामू में सेंधमारी करने में माहिर एक बड़े चोर गिरोह का खुलासा पुलिस ने किया है। पारदी गिरोह के नाम से मशहूर इस गिरोह की फितरत खाली घरों के खिड़की उखाड़कर केवल गहने-जेवरात टपा लेने की थी। गैंग में शामिल महिला सदस्य बैलून बेचने के नाम पर घूम-घूम कर वैसे घरों की रैकी करती थी, जिस घर के लोग कहीं बाहर गये होते थे। वहीं गुलेल मारकर भी यह परखा जाता था कि घर में कोई है या नहीं। घर के अंदर से हरकत होने पर चोर समझ जाते थे कि घर में कोई है। गैंग में शामिल लोग रेलवे स्टेशन के आसपास अपना अशियाना बनाते थे, वहीं से घरों को टारगेट कर चोरी की वारदातों की अंजाम दिया करते थे। इस गैंग के करीब 23 एक्टिव मेंबर को अरेस्ट कर लिया गया है। इनमें 11 महिलाएं हैं। गिरफ्तार चोरों ने पुलिस के सामने यह कबूल किया है कि उसके गैंग ने पलामू, लातेहार और गढ़वा में अनगिनत चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है। वहीं, चोरी का माल खरीदने वाले सोनार मनोज कुमार को भी धर लिया गया है। उसने भी अपना जुर्म कबूल कर लिया है। चोरों के पास से घरों में सेंधमारी करने के कई सामान मिले हैं। जिस तौर, तरीके और अंदाज से यह गैंग चोरी करने में एक्टिव था, ठीक इसी अंदाज में हरियाणा के कई घरों में भी चोरियां हुई है। इस गैंग के कई सदस्य गया और कुछ अन्य जेलों में बंद है। इस बात का खुलासा आज पलामू की SP रीष्मा रमेशन ने मीडिया के सामने किया।
SP रीष्मा रमेशन ने खुलासा कि गिरोह के सदस्य पांच अलग-अलग ग्रुप में बंट जाते थे और फिर घटना को अंजाम देते थे। 21 से अधिक चोरी की वारदातों का खुलासा हुआ है। गिरोह के सदस्यों की हरकतों के बारे में पुलिस को कई चौंकाने वाली जानकारियां मिली है। चोरी का माल खरीदने वाले एक सोनार ने लातेहार के एक शख्स के खाते में लाखों रुपये का ट्रांजेक्शन किया है। पलामू में चोरी की बढ़ती वारदातों के बाद चोरों को खोज निकालने की खातिर एक स्पेशल टीम बनाई गई थी। गठित टीम ने टेक्निकल सेल की मदद से चोरों को खोज निकाला। गैंग में शामिल चोर इतने शातिर थे कि जो चोर चोरी करने जाते थे, वे मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे। यह गैंग उसी घर को निशाना बनाता था, जिस घर में बाउंड्रीवाल होती थी। घर की खिड़की को उखाड़ घर में घुसते और केवल गहने-जेवरात पर हाथ साफ करते थे। चोरी में कामयाबी मिलने के बाद एकजुट हुये चोर पूजा-पाठ भी किया करते थे।
गिरफ्तार चोरों के नाम
गिरोह के सदस्यों के नाम सुमन चौहान, बाला बाई, सीतल बाई, सीमा बाई, अंजली बाई, रानी पारदी, सकरबती पारदी, गीता पारदी, रोमा बाई, मंजली पारदी, गट्टू उर्फ बादल, अभय पारदी, काशीनाथ पारदी, पारस पारदी, जय श्री पारदी, गोखुल पारदी, हरण, पारदी, योगा पारदी, काबुल पारदी, गणेश पारदी, हिमेश पारदी, जीतेन उर्फ रौशन पारदी एवं सोनार मनोज कुमार बताये गये। इस कांड का खुलासा करने में SDPO सदर मणिभूषण प्रसाद, मेदिनीनगर टाउन के थानेदार देवव्रत पोद्दार, लातेहार के थानेदार प्रमोद कुमार सिन्हा, सब इंस्पेक्टर गुलशन बिरुआ, संतोष कुमार-2, अनिल कुमार सिंह, सोनू कुमार चौधरी, ऋषिकेश कुमार दुबे, संदीप भारती, सुबोध कुमार सहित कई अन्य पुलिस अधिकारियों की सराहनीय भूमिका रही।










