Chaibasa : कद काठी मजबूत रहते हुए भी जब कोई काम हासिल नहीं कर पाया तो सुमन सिंह गंझू पहुंच गया मंगरा लोहरा के पास। पीएलएफआई के जोनल कमांडर मंगरा ने उसे संगठन में जगह देकर हाथ में बंदूक थमा दी। सुमन सिंह संगठन में बड़ा ओहदा चाहता था। यह ओहदा पाने की चाह में उसने पहली बार 28 सितंबर 2018 को एक शख्स का खून कर दिया। इसके बाद वह अपराध की दलदल में धंसता चला गया। ताबड़तोड़ कई वारदातों को अंजाम देकर सबको हैरान कर दिया। 25 साल का सुमन सिंह एक बेहतर शूटर माना जाता है।
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बात-बात पर किसी को भी गोली मार देना, डराना, धमकाना उसकी फितरत हो गई। अत्याधुनिक हथियार चलाने के शौकीन सुमन सिंह को पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा का एरिया कमांडर बना दिया गया। गुजरे 3 साल में 13 आपराधिक मामलों को अंजाम देकर पुलिस फाइल में मोस्टवांटेड बन गया। उसके खिलाफ चाईबासा के गुदरी थाने में 7, सोनुवा में 1, बंदगांव में 1, कराईकेला में 1, गोईलकेरा में 1, आनंदपुर में 1 और मनोहरपुर में 1 आपराधिक मामले दर्ज हैं। सुमन सिंह के नाम के बढ़ते आतंक को देख उसे खोज निकाल सलाखों के पीछे डालने की जिम्मेवारी एएसपी सह एसडीपीओ नाथूसिंह मीणा को दी गई। मीणा ने मिले इस टास्क को बखूबी कर दिखाया। बीती रात सोनुवा के पनसुंवा डैम के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। सुमन के साथ उसके दस्ते के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
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