Garhwa(Nityanand Dubey) : करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च कर डेढ़ साल पहले बने बिरहा डैम नहर के टूट जाने से जनाक्रोश उबाल पर आ गया। यह नहर गढ़वा के बड़गड़ प्रखंड में है। इस डैम से महुआ टीकर एवं कुम्हीकोना टोले के कई खेतों को पानी मिलता था। सड़क पर उतरे लोग महुआटिकर मोड़ पर धरना पर बैठ गये। वहीं, करीब छह घंटे तक बड़गड़-भंडरिया रोड पर आवाजाही बंद रही। रोड जाम कर दिये जाने की खबर पाकर लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता डेविड तिर्की एवं जूनियर इंजीनियर राजेन्द्र कुमार ने ग्रामीणों के साथ टूटे नहर का जायजा लिया, वहीं इसे तुरंत ठीक कराने का भरोसा दिला गये। इंजीनियरों ने ग्रामीणों के सामने यह स्वीकार किया कि ठेकेदार द्वारा डैम में नहर बनाने में गड़बड़ी की गई है। इंजीनियरों से मिले आश्वासन के बाद रोड जाम हटा लिया गया। धरना पर बैठे लोग भी उठ गये।
नहर निर्माण में की गई है गड़बड़ी
बिरहा डैम नहर टूट जाने के चलते धरना पर बैठे लोगों के पास पहुंचे कई नेताओं ने कहा कि इस डैम के पानी से सैकड़ो परिवार के लोग फसल उगाते हैं। डेढ़ करोड़ रुपया खर्च कर बना यह नहर डेढ़ साल में ही टूट जाना दुखद है। नहर निर्माण में घोर गड़बड़ी की गई है। धरनास्थल पहुंचने वालों में मुख्य रूप से जलील अंसारी, सोनू पासवान, शिवनाथ मिंज,बिरद लकड़ा, सुनील बाखला, राजू बाड़ा, कुंवरसाय किस्पोट्टा, हरिहर सिंह, राधेश्याम जायसवाल, बदलू मिंज, अलविस खलखो, रामबरन कुजूर, सुंदर लकड़ा एवं सुरेश लकड़ा सहित अन्य कुछ लोग शामिल थे।












