Ranchi : रांची की सजी धजी हवाओं में बुधवार सुबह न्याय की नई रौशनी बिखरेगी, जब जस्टिस तरलोक सिंह चौहान राजभवन के बिरसा मंडप में मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ लेंगे। झारखंड हाईकोर्ट को उसका 17वां न्यायिक मुखिया मिलेगा, जो हिमाचल की वादियों से झारखंड की न्यायिक भूमि पर कदम रखने जा रहे हैं।
राज्यपाल संतोष गंगवार उन्हें शपथ दिलायेंगे और उम्मीद की जा रही है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे। राजभवन में तैयारियों का शोर है और हर कोना कह रहा है “न्याय का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।” शपथ के बाद वे सीधे हाईकोर्ट पहुंचेंगे, जहां उन्हें झारखंड की न्यायिक विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी जायेगी। मंगलवार को जैसे ही वे रांची एयरपोर्ट पहुंचे, गर्मजोशी से उनका स्वागत हुआ साथ में था उनका परिवार और आंखों में था न्याय की नई दृष्टि का संकल्प।
जस्टिस चौहान की न्याय यात्रा
हिमाचल की शांत वादियों में पले-बढ़े जस्टिस चौहान, शिमला में पढ़े, पंजाब यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की और 1989 में वकालत शुरू की। 2014 में न्यायिक सेवा में आये और तब से हिमाचल हाईकोर्ट में न्याय का दीप जलाते रहे।
झारखंड हाईकोर्ट: स्वर्णिम परंपराओं की भूमि
जहां से जस्टिस अल्तमश कबीर, जस्टिस ज्ञान सुधा मिश्रा जैसे नाम सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे, वही परंपरा अब जस्टिस चौहान को सौंपी गई है।






