Kohramlive : पहाड़ शांत था, बर्फ अपनी जगह जमी थी और नीचे घाटी में जिंदगी अपनी रफ्तार से चल रही थी। फिर अचानक हिमालय की चोटी पर कुछ ऐसा हुआ, जिसने देखते ही देखते पूरे इलाके को तबाही की घाटी में बदल दिया। नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के तीन दिन बाद ग्लेशियर टूटने का एक खौफनाक वीडियो सामने आया है। फुटेज में पहाड़ से ग्लेशियर का विशाल हिस्सा टूटकर नीचे गिरता दिखाई देता है। उसके साथ बर्फ, पानी, चट्टान, कीचड़ और मलबा ऐसी रफ्तार से घाटी की ओर दौड़ता है, मानो पहाड़ खुद टूटकर नीचे उतर आया हो। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक नेपाल में इस आपदा में 626 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 2,426 लोग अब भी लापता हैं। हजारों लोगों को बचाया गया है और राहत-बचाव अभियान जारी है।
तीन दिन बाद सामने आया तबाही का ‘वो’ पल
‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ को मिले नये फुटेज में हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने के बाद का भयावह मंजर कैद हुआ है। वीडियो में पहाड़ की ऊंचाई से ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा अचानक अलग होता नजर आता है। कुछ ही क्षणों में बर्फ और चट्टानों का विशाल ढेर नीचे घाटी की ओर टूट पड़ता है। इसके बाद उठता है धूल, बर्फ और मलबे का गुबार। वैज्ञानिक आकलनों के अनुसार ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा हजारों फीट नीचे गिरा और इस प्रक्रिया में अपने साथ भारी मात्रा में चट्टान और मलबा लेकर आया। उपलब्ध वैज्ञानिक विश्लेषणों में ग्लेशियर के टूटने और उसके बाद मलबे से भरी बाढ़ को इस आपदा का अहम कारण बताया गया है।
तिब्बत से कैमरे में कैद हुआ खौफनाक नजारा
बताया गया है कि टूर गाइड जीहा यीति और उनके साथ मौजूद लोगों का समूह बुधवार सुबह तिब्बत में एक ऊंचे स्थान पर था। वहां से नेपाल की सीमा के पार बर्फ से ढके पहाड़ और ग्लेशियर दिखाई दे रहे थे। तभी उनकी नजर पहाड़ पर अचानक हुये बदलाव पर पड़ी। कैमरा चल रहा था और देखते ही देखते ग्लेशियर का विशाल हिस्सा पहाड़ से टूट गया। जो कुछ कैमरे में कैद हुआ, वह अब इस पूरी आपदा की भयावहता समझने का एक महत्वपूर्ण दृश्य बन गया है। ग्लेशियर के टूटने के बाद बर्फ, पानी, चट्टान और कीचड़ का तेज बहाव नीचे की ओर बढ़ा। मलबे ने नदी के प्रवाह को प्रभावित किया और फिर पानी व मलबे का सैलाब घाटी की ओर दौड़ पड़ा। नेपाल के भोटेकोशी-त्रिशूली क्षेत्र में आई इस आपदा ने घरों, सड़कों, पुलों और दूसरे बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया। रिपोर्टों के अनुसार कुछ इलाकों में त्रिशूली नदी का जलस्तर बहुत कम समय में कई मीटर बढ़ गया। जिस रास्ते से लोग रोज गुजरते थे, वही रास्ता कुछ ही पलों में पानी और मलबे की धारा बन गया। टूर गाइड और उनके साथी जब बाद में पहाड़ से नीचे की ओर आये तो कई रास्ते बंद मिले। तब उन्हें आसपास हुई तबाही का अंदाजा हुआ। कई इलाकों में घर, सड़कें और पुल बाढ़ और मलबे की चपेट में आ चुके थे। पूरा क्षेत्र मानो पहाड़ और नदी के बीच फंस गया हो।
नेपाल में 626 मौतें, 2,426 लोग लापता
नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के 29 अगस्त के अपडेट के मुताबिक 626 लोगों की मौत हुई है और 2,426 लोग अब भी लापता हैं। 4,451 लोगों को बचाया जा चुका है, जबकि 101 घायल अस्पतालों में इलाज करा रहे थे। नेपाल के साथ तिब्बत में भी इस आपदा ने भारी तबाही मचाई है। अलग-अलग रिपोर्टों में तिब्बत में कम से कम सात मौतें और सैकड़ों लोगों के लापता होने की जानकारी दी गई है। इस बाढ़ का असर सिर्फ नेपाल की पहाड़ियों तक सीमित नहीं है। जिस जलप्रणाली में यह सैलाब पहुंचा, वह आगे चलकर नारायणी नदी से जुड़ती है, जो भारत में प्रवेश करने के बाद गंडक के नाम से जानी जाती है। इसी वजह से नेपाल में हुई इस आपदा के बाद भारत के कुछ नदी क्षेत्रों में भी बाढ़ और जलस्तर को लेकर निगरानी बढ़ाई गई।
New footage exclusively obtained by The New York Times showed the aftermath of the moment a giant glacier broke away from the top of a ridge in the Himalayas, setting off a torrent of mud, snow, floodwaters and debris to the valley communities below.
Video credit: @nytimes pic.twitter.com/np5GpLn5MD
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) August 29, 2026







