Kohramlive : यूएई के दुबई एयरशो में भारत का लड़ाकू विमान तेजस अचानक क्रैश हो गया। यह हादसा ठीक उसी वक्त हुआ जब फाइटर जेट्स हवा में अपनी ताकत, अपनी चमक और अपने जौहर की प्रदर्शनी कर रहे थे। भारतीय वायुसेना ने तत्काल कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के गठन का आदेश दे दिया। हादसे में पायलट की जान चली गई।
भारत के आत्मविश्वास और तकनीक पर उठा यह सवाल अति संवेदनशील है। तेजस मार्क-1ए, जिसे इस एयरशो में प्रदर्शित किया जा रहा था, भारत का सबसे आधुनिक, सबसे तेज और सबसे शक्तिशाली हल्का लड़ाकू विमान माना जाता है। तेजश की खासियत यह है कि वो चौथी पीढ़ी का शक्तिशाली लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) माना जाता है। 2200 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा को चीरती हुई उड़ान भर सकता है। करीब 9 टन हथियारों का भार उठा लेता है, एक साथ कई लक्ष्यों को साधने की क्षमता रखता है। बीवीआर मिसाइल, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट और दुश्मन को सीमा के पार से ढेर करने का सामर्थ्य है।

तेजस को एल्युमिनियम-लिथियम एलॉय, टाइटेनियम और कार्बन फाइबर कॉम्पोजिट से तैयार किया गया है। इसलिये यह सुपरसॉनिक विमानों में सबसे हल्कों में गिना जाता है। तेजश में अस्त्र और आई-डर्बी ईआर BVR मिसाइलें, R-73, Python-5, ASRAAM, 23 मिमी की GSh-23 ट्विन बैरल तोप एवं एक छोटा लेकिन भयावह घातक पैकेज है। आज भारत के पास तेजस की सिर्फ दो स्क्वॉड्रन हैं, कुल 38 जेट्स। भारत सरकार ने हाल ही में 97 नये तेजस विमानों का 62,370 करोड़ रुपये का विशाल सौदा किया है। जिसमें 68 सिंगल-सीटर एवं 29 ट्विन-सीटर तेजस मिलेंगे। इनकी सप्लाई 2027-28 से शुरू होगी और छह वर्षों में पूरी।






