Kohramlive : भारत ने गॉल टेस्ट में श्रीलंका को 165 रन से हराकर दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। यह जीत इसलिए भी खास रही, क्योंकि यह भारत का 600वां टेस्ट था। शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया ने इस यादगार पड़ाव को जीत के रंग में रंग दिया। भारत ने श्रीलंका के सामने जीत के लिये 372 रन का पहाड़ खड़ा किया था। पांचवें दिन श्रीलंका ने चार विकेट पर 84 रन से आगे खेलना शुरू किया। उम्मीदें थीं कि मेजबान टीम मुकाबले को रोमांचक बनायेगी, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने कहानी कुछ और ही लिख दी। श्रीलंका ने दिनभर में 122 रन जोड़कर अपने बाकी छह विकेट गंवा दिये और पूरी टीम 206 रन पर सिमट गई। भारत के लिये मानव सुथार सबसे बड़े नायक बनकर उभरे। उन्होंने दूसरी पारी में छह विकेट झटके और मैच में कुल 10 विकेट अपने नाम किये।
मानव सुथार का ‘दस का दम’
मानव सुथार ने पहली पारी में चार और दूसरी पारी में छह विकेट लेकर मैच में कुल 10 विकेट हासिल किये। दूसरी पारी में कप्तान धनंजय डिसिल्वा और सोनल दिनुषा ने भारतीय गेंदबाजों के सामने कुछ देर दीवार खड़ी की। दोनों ने पांचवें विकेट के लिये 95 रन जोड़े। धनंजय ने सात चौकों की मदद से 59 रन बनाये। लेकिन रवींद्र जडेजा ने धनंजय की पारी का पटाक्षेप कर दिया। इसके बाद श्रीलंका के विकेट पत्तों की तरह झरते चले गये। सोनल दिनुषा ने 84 रन की जुझारू पारी खेली, मगर सुथार के सामने उनकी कोशिश भी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। प्रभात जयसूर्या और लाहिरू कुमारा खाता भी नहीं खोल सके। भारत की ओर से सुथार के अलावा प्रसिद्ध कृष्णा ने दो, जबकि जडेजा और मोहम्मद सिराज ने एक-एक विकेट लिया।
पडिक्कल का बल्ला भी बोला
गॉल की जीत में केवल गेंदबाजों का कमाल नहीं था। देवदत्त पडिक्कल ने पहली पारी में 167 रन की शानदार पारी खेलकर भारत के लिए मजबूत नींव रखी। पडिक्कल ने दूसरी पारी में भी 44 रन बनाये। दोनों पारियों में उनके बल्ले से निकले रन टीम इंडिया के लिये बेहद अहम साबित हुये। यही वजह रही कि शानदार प्रदर्शन के बावजूद 10 विकेट लेने वाले मानव सुथार की जगह पडिक्कल को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
पहली पारी में भारत ने खड़ा किया था 462 रन का पहाड़
टॉस जीतकर भारत ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम इंडिया ने पहली पारी में 462 रन बनाये। देवदत्त पडिक्कल ने 167 रन की लाजवाब पारी खेली। उनके अलावा केएल राहुल ने 82 और ध्रुव जुरेल ने 51 रन बनाये। श्रीलंका की पहली पारी 284 रन पर खत्म हुई। सोनल दिनुषा ने 100 और निरोशन डिकवेला ने 80 रन बनाये। दोनों ने छठे विकेट के लिये 146 रन की साझेदारी कर श्रीलंका को फॉलोऑन से बचाया। भारत को पहली पारी में 178 रन की बढ़त मिली। भारत की दूसरी पारी 193 रन पर सिमटी, लेकिन इससे पहले टीम श्रीलंका के सामने जीत के लिए 372 रन का लक्ष्य रखने में सफल रही। ऋषभ पंत ने 69 गेंदों में आठ चौके और दो छक्कों की मदद से 66 रन ठोके। पडिक्कल ने 44 और केएल राहुल ने 35 रन बनाये। बाकी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सके, मगर भारतीय गेंदबाजों के लिये 372 रन का लक्ष्य पर्याप्त साबित हुआ।
आंकड़ों में भारत का पलड़ा भारी
श्रीलंका की धरती पर भारत ने अब तक 25 टेस्ट खेले हैं। इनमें टीम इंडिया ने 10 मुकाबले जीते, जबकि श्रीलंका को सात जीत मिलीं और आठ मैच ड्रॉ रहे। दोनों देशों के बीच कुल 47 टेस्ट खेले गए हैं। भारत ने 23 मुकाबले जीते हैं, श्रीलंका सात बार विजयी रहा है और 17 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं। गॉल में भारत और श्रीलंका के बीच अब तक छह टेस्ट हुये हैं। दिलचस्प बात यह है कि हर मुकाबले का नतीजा निकला है—तीन भारत ने जीते और तीन श्रीलंका ने। भारत ने इससे पहले गॉल में जुलाई 2017 में श्रीलंका को 304 रन से हराया था। अब आठ साल बाद उसी मैदान पर फिर जीत मिली है। 2014 के बाद गॉल में खेले गये 28 टेस्ट में केवल एक मुकाबला ड्रॉ हुआ है। बाकी 27 मैचों में हार-जीत का फैसला हुआ है।








