Ranchi(Akhilesh Kumar) : महाभारत में जिस सांप का जिक्र किया गया है, वो दुर्लभ प्रजाति का सांप तक्षक नाग (ओरनेट फ्लाईंग स्नेक) राजधानी रांची में मिला। तक्षक नाग का रेस्क्यू करने वाले रमेश कुमार महतो ने बताया कि यह सांप दुर्लभ प्रजाति का है। उनका दावा है कि झारखंड में पहली बार इसे रेस्क्यू किया गया है। यह तक्षक सांप ज्यादातर पठारी क्षेत्र के झाड़ीनुमा जगहों पर पाया जाता है। यह सांप सौ फीट ऊपर से नीचे जंप कर सकता है। यह जमीन पर कम पेड़ पर ज्यादा रहता है। इसका भोजन मुख्य रूप से छिपकली एवं कीड़े-मकौड़े हैं। यह सांप विलुप्ति के कगार पर है। यह भारत में रेयर कैटेगरी में आता है। इस सांप के जेनेटिक के बारे में रिसर्च होगा। इसलिए इसे बिरसा जैविक उद्यान के हवाले किया जायेगा।
स्नेक रेस्क्यूवर रमेश कुमार महतो ने बताया कि यह सांप छेड़ने पर ही डंसता है। इसमें ज्यादा जहर नहीं होता। इसलिये यह ज्यादा खतरनाक नहीं माना जाता। अगर इसे इंसान के शरीर में छोड़ दिया जाये तो पूरे शरीर में लिपट जायेगा। लेकिन यह बिना छेड़े हुये डंसेगा नहीं। यह सांप राजधानी रांची से सटे RCH कार्यालय में एक दवा के कार्टून में मिला। उनका दावा है कि झारखंड में 29 प्रजाति का सांप पाया जाता है।
इसे भी पढ़ें :पलामू बालिक गृह में महापा’प, दो अरेस्ट…
इसे भी पढ़ें :खूंटी और चाईबासा पर हुकूमत करने वाले का एन’काउंटर
इसे भी पढ़ें :यूं चलते-चलते आ गई मौ’त, रोड में बवाल…
इसे भी पढ़ें :अगले तीन रोज में झारखंड मंत्रिमंडल का गठन, चौंकायेंगे ये चेहरे…











