Kohramlive : झारखंड की राजधानी रांची 12 अक्टूबर को एक नई कहानी लिखने जा रही है, स्वदेशी मैराथन की। उस रोज सुबह 6 बजे मोरहाबादी मैदान से हजारों कदम एक साथ आगे बढ़ेंगे, यह नजारा होगा देशप्रेम का आंदोलन, आत्मनिर्भर भारत की पुकार। करीब 10 हजार लोग, जिनमें स्कूल-कॉलेज के छात्र, एनएसएस, एनसीसी, खिलाड़ी, सामाजिक कार्यकर्ता और कामकाजी महिलायें शामिल होंगी, 3.3 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे शहीद कारगिल योद्धा बिजेन्द्र यादव के माता-पिता, जिनकी मौजूदगी हर धावक के दिल में साहस और समर्पण का संचार करेगी। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार इस दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे, जबकि केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया के भी शामिल होने की संभावना है। आयोजन के सूत्रधार, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने मीडिया को बताया कि यह मैराथन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर समर्पित है, सेवा, समर्पण और स्वदेशी भावना को नमन करती एक पहल। झारखंड ओलंपिक संघ के अध्यक्ष मधुकांत पाठक ने बताया कि सुरक्षा, पानी, चिकित्सा और सुविधा, हर पहलू पर विशेष व्यवस्था की गई है ताकि कोई प्रतिभागी असुविधा महसूस न करे।
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