कोहराम लाइव डेस्क : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को साइरस मिस्त्री से जुड़े एनसीएलएटी के फैसले को पलट दिया। टाटा संस के पक्ष में फैसला सुनाया। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने साइरस मिस्त्री को कंपनी का दोबारा चेयरमैन नियुक्त करने के फैसले सुनाया था। एनसीएलटी ने 17 दिसंबर 2019 को फैसला सुनाया था कि टाटा संस के चेयरमैन पद पर मिस्त्री की दोबारा बहाल किया जाए, जिसके खिलाफ टाटा संस ने याचिका दायर की थी।
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वर्ष 2016 में साइरस को हटाया गया था
24 अक्टूबर 2016 को टाटा संस के चेयरमैन पद से सायरस मिस्त्री को हटा दिया गया। उन्होंने दिसंबर 2016 में कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में इसके खिलाफ याचिका दायर की। जुलाई 2018 में एनसीएलटी ने मिस्त्री की याचिका खारिज कर दी और टाटा संस के फैसले को सही बताया। इसके खिलाफ मिस्त्री एनसीएलएटी गए। दिसंबर 2019 में मिस्त्री को दोबारा टाटा संस का चेयरमैन बनाने का आदेश दिया। इसके खिलाफ टाटा संस ने जनवरी 2020 में सुप्रीम कोर्ट में अपील की।
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टाटा ट्रस्ट और मिस्त्री परिवार की हिस्सेदारी
मिस्त्री परिवार की टाटा संस में 18.4% की हिस्सेदारी है। वो टाटा ट्रस्ट के बाद टाटा संस में दूसरे सबसे बड़े शेयर होल्डर्स हैं। टाटा संस में टाटा ट्रस्ट की हिस्सेदारी 66% है। मार्च 2020 तक टाटा ग्रुप की सभी कंपनियों का रेवेन्यू 7.92 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा था। जबकि, इनकी मार्केट कैपिटल मार्च 2019 तक 11.09 लाख करोड़ रुपए थी।
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