Khunti(Aarti Gupta) : खूंटी का नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालय आज जश्न में डूबा है। वजह है सुधीर सांगा, जिसने मिनी नेशनल तीरंदाजी प्रतियोगिता में अपने अचूक निशाने से स्वर्ण पदक जीतकर राज्य का मान बढ़ाया है। आंध्र प्रदेश के गुंटूर में आयोजित इस प्रतियोगिता में अंडर-13 कंपाउंड बालक वर्ग के 30 मीटर इवेंट में सुधीर ने कमाल का जौहर दिखा यह उम्दा कामयाबी हासिल की है।
संघर्षों के बीच पनपी प्रतिभा
सुधीर का सफर आसान नहीं रहा। बचपन में ही पिता का साया सिर से उठ गया, और घर की माली हालत खराब हो गई। मां बिरंग सांगा मजदूरी कर किसी तरह परिवार को संभालती रहीं, लेकिन संघर्षों के बादल सुधीर के सपनों को धुंधला नहीं कर पाये। उनके अंदर तीरंदाजी की प्रतिभा थी, लेकिन संसाधनों की कमी उनके सफर में सबसे बड़ी बाधा थी। किस्मत को भी शायद सुधीर की मेहनत और जुनून को सलाम करना था। उनकी प्रतिभा को पहचान मिली सरकारी नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालय, खूंटी में। यहां अनुशासन, प्रशिक्षण और सही मार्गदर्शन ने उनकी प्रतिभा को निखारने का काम किया।
लेकिन मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। धनुष और तीर खरीदना उनके लिये किसी सपने जैसा था। इसी दौरान, अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज और CRPF में कार्यरत असृता केरकेट्टा ने सुधीर की प्रतिभा को पहचाना और अपना धनुष अभ्यास के लिये सौंप दिया। वहीं, राष्ट्रीय स्तर के तीरंदाज राहुल और मोनिका ने भी उनका हौंसला बढ़ाया और उन्हें कीमती साइटर और तीर उपलब्ध कराये। इस सहयोग ने सुधीर की तकनीक और आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी।
मिनी नेशनल में धमाकेदार प्रदर्शन
21 से 26 मार्च तक चलने वाले मिनी नेशनल तीरंदाजी प्रतियोगिता में देशभर से प्रतिभाशाली तीरंदाज जुटे हैं। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच सुधीर ने अपने सटीक निशानों से सभी को हैरान कर दिया। उनका अटूट आत्मविश्वास और अभ्यास की मेहनत रंग लाई और उन्होंने स्वर्ण पदक झटका। सुधीर की इस शानदार जीत से पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। उनके स्कूल के शिक्षक, प्रशिक्षक और सहपाठी गर्व से फूले नहीं समा रहे। जिला प्रशासन और खेल प्रेमियों ने भी उनकी इस उपलब्धि को झारखंड के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया। विद्यालय परिवार ने सुधीर को भविष्य के लिये शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि यदि उन्हें उचित संसाधन और सहयोग मिलता रहा, तो वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर सकते हैं।












