Ranchi : झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के मुद्दे पर छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलिलत छात्रों ने सरकार की ओर से बातचीत के प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। आंदोलन कर रहे युवाओं का कहना है कि अगर सरकार सच में समस्या का समाधान चाहती है, तो बातचीत बंद कमरे में नहीं, बल्कि धरनास्थल पर आकर खुले मंच से होनी चाहिये।
छात्रों का दो टूक संदेश, अब समाधान चाहिये
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि वर्षों से भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के कारण झारखंड के युवा परेशान हैं। उनका आरोप है कि बार-बार पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया पर उठते सवालों ने मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है। छात्र नेताओं ने स्पष्ट कहा कि अब केवल बातचीत का भरोसा नहीं, बल्कि ठोस निर्णय चाहिये। आंदोलन के बीच सरकार की ओर से छात्रों से बातचीत की पहल की गई थी। मुख्यमंत्री की ओर से छात्रों के मुद्दों पर चर्चा का प्रस्ताव रखा गया था। लेकिन छात्रों ने इस प्रस्ताव को यह कहते हुये अस्वीकार कर दिया कि अब तक कई बार आश्वासन मिले हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर बदलाव नजर नहीं आया।
धरनास्थल से उठ रही है सीधी आवाज
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे छात्र मांग कर रहे हैं कि सरकार उनके बीच आये और सभी के सामने उनकी समस्याओं को सुने। उनका कहना है कि “अगर सरकार छात्रों की पीड़ा समझना चाहती है, तो मुख्यमंत्री खुद धरनास्थल पर आयें और खुले मंच से बात करें।” JPSC, JSSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवालों को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब राज्यव्यापी चर्चा का विषय बन चुका है। आने वाले दिनों में सरकार और छात्रों के बीच संवाद का रास्ता कैसे निकलता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।















