Ranchi : श्रावण माह में भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए रांची के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को इस बार और बेहतर व्यवस्था मिलेगी। प्रशासन ने जल चढ़ाने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और भक्तों के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए अरघा सिस्टम लागू करने का फैसला लिया है।
DC की अध्यक्षता में हुई बैठक
रांची समाहरणालय में शुक्रवार को DC सह पहाड़ी मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में श्रावण की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में पुलिस, नगर निगम, स्वास्थ्य और फायर विभाग समेत विभिन्न अधिकारियों ने भाग लिया। DC ने कहा, “श्रद्धालुओं की सुरक्षा और श्रद्धा हमारी प्राथमिकता है। अरघा सिस्टम के जरिये जलाभिषेक से भीड़ पर नियंत्रण रखा जा सकेगा और भक्तों को लंबी कतार में खड़े रहने की परेशानी नहीं होगी।”
ये व्यवस्था होंगी इस बार
अरघा सिस्टम से जलाभिषेक: हर श्रद्धालु बिना भगवान शिव की मूर्ति को छुए अरघा पाइप के जरिये जल चढ़ा सकेगा, जिससे भीड़ और अव्यवस्था नहीं होगी।
सुबह 3:30 बजे से पट खुलेंगे: सरकारी पूजा के बाद आम श्रद्धालु तड़के सुबह जल अर्पण कर सकेंगे।
हर सोमवार मंदिर की फूलों से सजावट।
बैरिकेडिंग और ट्रैफिक प्लान: मंदिर के बाहर कड़ी सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और भीड़ नियंत्रण के लिए सख्त उपाय।
खोया-पाया केंद्र और सूचना प्रसारण: साउंड सिस्टम और सूचना केंद्र की व्यवस्था।
स्वास्थ्य, फायर ब्रिगेड और पुलिस की तैनाती।
अतिक्रमण हटाने और असामाजिक तत्वों पर निगरानी।
समय-सारिणी और बजट की तैयारी
DC ने निर्देश दिया कि आम श्रद्धालुओं के लिए अलग से समय-सारिणी जारी की जाये ताकि दर्शन और जलाभिषेक सुचारु हो सके। साथ ही, आयोजन में होने वाले खर्च का पूर्वानुमान लगाकर सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये गये।
बैठक में मौजूद रहे ये अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में सिटी एसपी अजीत कुमार, SDO उत्कर्ष कुमार, SDM राजेश्वर नाथ आलोक, मंदिर समिति के सदस्य सुशील कुमार, आनंद गडोदिया, सुनील माथुर, मदनपाल पारिख समेत कई प्रशासनिक और धार्मिक समिति के सदस्य उपस्थित थे।












