Ranchi : रविवार को RU यानी रांची युनिवर्सिटी के पत्रकारिता एवं जन संचार विभाग में उमंग के साथ मनाया गया पूर्ववर्ती छात्रों के संगठन जोसारू का दूसरा अधिवेशन सह मिलन समारोह स्पंदन 2023। इस भव्य कार्यक्रम में जोसारू के 200 से अधिक सदस्य शामिल हुए। सभी ने मिल कर पुरानी यादें साझा की। कार्यक्रम का उद्घाटन RU के कुलपति अजीत सिन्हा, विभाग के निदेशक बीपी सिन्हा और जोसारू अध्यक्ष चंदन मिश्रा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद वर्तमान आरयू की छात्रा सुष्मिता ने गणेश वंदना पर बेहतरीन नृत्य प्रदर्शित किया। फिर आरयू के कुलगीत ‘जय जय जय रांची’ से कार्यक्रम को शुरू किया गया।

इसके पूर्व सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि RU के कुलपति डॉ अजित सिन्हा, जन संचार विभाग के स्थापक पद्मश्री बलबीर दत्त और अन्य सदस्य मौजूद रहे। डॉ अजीत सिन्हा ने बताया किस तरह से जन संचार विभाग 1987 में स्थापित हुआ। जैसे कि यह विभाग एक कमरे में शुरू किया गया था और अब एक नया भवन बन कर तैयार है। उन्होंने यह वादा किया कि RU पूरी तरह से जन संचार विभार को आगे बढ़ने में सहायता करेगा और उसे फंड देने की बात भी कही।

जोसारू के सचिव डॉ शंकर्षण परिपूर्णन ने कार्यक्रम का संचालन किया। उन्होंने जोसारू के प्रतिवेदन पर प्रकाश भी डाला। कार्यक्रम में आये अतिथियों को जोसारू की पत्रिका ‘स्पंदन’ उपहार स्वरूप भेंट की गई। इस पत्रिका में जोसारू के तमाम सदस्यों ने अपनी भागेदारी दी है। जन संचार विभाग के नए सूचीपत्र को भी जारी किया गया।
दूसरे सत्र में शुरू किया गया पहचान समारोह, जिसमें इस विभाग के इतिहास में सबसे पहले छात्र अनुज कुमार सिन्हा ने अपने विभाग के अनुभव को सब के साथ साझा किया और बताया कि किस तरह इस विभाग की शुरुआत हुई। उन्होंने बताया किस तरह से उन्होंने सुबह 5 बजे विभाग पहुंच कर अपना दाखिला कराया था। कार्यक्रम में विभाग के शिक्षक मनोज शर्मा के द्वारा बनाई गई 1987 से अब तक के सभी तस्वीरों की अल्बम को बड़े पर्दे पर दिखाया गया। उसके बाद जोसारू के सभी सदस्यों ने अपना परिचय दिया और उन्हें स्मृति चिन्ह दे कर सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह के पूर्व पूर्ववर्ती छात्र मोमिता बैनर्जी ने ‘राधा कैसे न जले’ और ‘तेरी दीवानी’ जैसी गीतों पर अपने नृत्य से जलवा बिखेरा। साथ ही जाने-माने जादूगर अनुराग अन्वेषी ने अपने जादुई पैंतरों से हर किसी को चौंका दिया। उन्होंने हाथ से सिक्के को गायब करने से ले कर ताश के पत्तों तक से जादू दिखाया। कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित लेखक किकी सिंह के द्वारा लिखी गयी दो पुरस्कृत किताबों का स्टाल लगाया गया। कार्यक्रम का समापन अन्य सांस्कृतिक नृत्य एवं गीतों के साथ किया गया। मंच संचालन भूपेश, सुधीर, कुमार संभव, मौमिता एवं चांदनी ने किया।

इसे भी पढ़ें : वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का दूसरा ट्रायल, इस बार धीमी थी रफ्तार… जानें क्यों
इसे भी पढ़ें : घर की छत पर सोया था पूरा परिवार, नीचे हो गया अनर्थ… जानें















