Palamu : पलामू में वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की टीम ने वह कारनामा कर दिखाया, जो पलामू टाइगर रिजर्व के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज होगा। अंतरराष्ट्रीय मंडियों में जिसकी एक-एक बूंद करोड़ों में बिकती, वही खतरनाक सांप का जहर मिला। बरामद जहर की अनुमानित कीमत 80 करोड़ रूपये आंकी जा रही है। यह वन्यजीव तस्करी पर सबसे बड़ा प्रहार है। जाल इतना महीन बुना गया था कि तस्करों की सांसों की आवाज भी रिकॉर्ड हो जाती। पकड़े गये तस्करों के नाम मोहम्मद सिराज (औरंगाबाद), मोहम्मद मिराज (औरंगाबाद) एवं राजू कुमार (पलामू) बताये गये। इनकी निशानदेही पर इनके ठिकानों से 15 लाख से अधिक की कीमत वाला पैंगोलिन शल्क बरामद हुआ। जंगल के सबसे शांत प्राणी का यह दर्दनाक सबूत तस्करी की क्रूर दुनिया की सच्चाई दिखाता है।
सूत्रों के अनुसार, मिली गुप्त सूचना पर जंगल में घुसी वन विभाग की टीम ने गुजरे तीन दिनों तक लगातार छुपकर निगरानी की, फोन ट्रैकिंग और मानव खुफिया जानकारी मिलाई, जंगल में गुप्त मूवमेंट किया और जैसे ही डील फाइनल हुई दबिश इतनी तेज मारी गई कि तस्करों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस ऑपरेशन से एशिया–अफ्रीका के कनेक्शन वाले एक बड़े तस्करी गिरोह की रीढ़ टूट गई है। जंगल को चीरने वाले शिकारी अब कानून की गिरफ्त में हैं।
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