Ranchi(Kuldeep Tiwari) : हुनर जब हाथों में आता है, तो सपनों को पंख लगने में देर नहीं लगती। शनिवार को रांची से सटे ओरमांझी के RTC कॉलेज, दरदाग में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। यहां सहायक इलेक्ट्रिशियन का प्रशिक्षण पूरा करने वाले 77 विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र देकर उनके हुनर को नई पहचान दी गई। यह पहल आर्ट ऑफ लिविंग के श्री श्री रूरल डेवलपमेंट प्रोग्राम ट्रस्ट (SSRDP) और श्नाइडर इलेक्ट्रिक के संयुक्त तत्वावधान में हुई। समारोह में मौजूद अतिथियों ने युवाओं को प्रमाण-पत्र सौंपे, वहीं, रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई उम्मीद भी दी।
“हुनर है तो मौके की कमी नहीं”
कार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग के YLTP निदेशक बीएस जयचंद्रन ने कहा कि युवाओं के लिये इलेक्ट्रिशियन के अलावा हॉस्पिटैलिटी, विदेशों में रोजगार, सिविल सेवा समेत कई क्षेत्रों में अवसर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग युवाओं को उनके लक्ष्य तक पहुंचाने के लिये हरसंभव सहयोग करेगा। पूर्व सांसद रामटहल चौधरी ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिशियन के रूप में हासिल किया गया कौशल आज लगभग हर क्षेत्र में उपयोगी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के व्यावसायिक प्रशिक्षण युवाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। रामटहल चौधरी ने RTC कॉलेज में आर्ट ऑफ लिविंग की अन्य जनकल्याणकारी और कौशल विकास परियोजनाएं शुरू करने में हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
अत्याधुनिक उपकरणों ने बदली प्रशिक्षण की तस्वीर
RTC कॉलेज के निदेशक पारसनाथ महतो ने प्रशिक्षण की सराहना करते हुये कहा कि उन्हें पहले अंदाजा नहीं था कि आर्ट ऑफ लिविंग इतने व्यापक स्तर पर अत्याधुनिक और महंगे उपकरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रशिक्षण उपलब्ध करायेगा। उन्होंने इसे कॉलेज और आसपास के युवाओं के लिये गौरव की बात बताया। प्रोजेक्ट भारत के राष्ट्रीय समन्वयक अरविंद त्रिवेदी ने कहा कि मौजूदा दौर इलेक्ट्रॉनिक तकनीक का है। खेती से लेकर ड्रोन, वाहन और दूसरे क्षेत्रों तक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशिक्षित इलेक्ट्रिशियन की मांग भी बढ़ सकती है। युवाओं के लिये यह प्रशिक्षण रोजगार की दिशा में उपयोगी साबित हो सकता है।
इलेक्ट्रिशियन से आगे मोबाइल, सोलर और ड्रोन की भी ट्रेनिंग
कार्यक्रम में SSRDP की समन्वयक एवं कर्मयोग स्टेट कोऑर्डिनेटर बेबी कुमारी ने युवाओं के लिये चलाये जा रहे विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। इनमें मोबाइल रिपेयरिंग, सोलर टेक्नीशियन, ड्रोन पायलट प्रशिक्षण, ट्रेनिंग एंड जॉब कार्यक्रम शामिल हैं। उन्होंने बताया कि दो माह का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद योग्य अभ्यर्थियों को लगभग 25 हजार रुपये प्रतिमाह के शुरुआती वेतन पर रोजगार का अवसर मिल सकता है। प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में पूर्व सांसद रामटहल चौधरी, आर्ट ऑफ लिविंग के YLTP निदेशक बीएस जयचंद्रन, प्रोजेक्ट भारत के राष्ट्रीय समन्वयक अरविंद त्रिवेदी, आरटीसी कॉलेज के निदेशक पारसनाथ महतो समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में RTC कॉलेज के प्राचार्य भीम महतो, बेबी कुमारी, सोनाराम महतो, प्रोजेक्ट भारत झारखंड के स्टेट हेड निखिल राज, आर्ट ऑफ लिविंग की शिक्षिका संगीता झा, महेश्वर, प्रशिक्षिका उषा, सरोज, मुन्नी देवी, मीना देवी, अजय, संजीव कुमार, तिलेश्वर समेत SSRDP और आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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— KohramLive (@KohramLive) August 8, 2026















