Chouparan(Krishna Paswan) : हजारीबाग के चौपारण प्रखंड से बच्चों के हक पर डाका डालने वाली चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। मानगढ़ पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत मंगलवार को मिलने वाले मिड-डे मील में न तो मेन्यू पूरा था, न ही खाने की गुणवत्ता। चावल, छोले, सलाद और मोरिंगा साग की जगह बच्चों को मिला बेस्वाद और अधूरा खाना। ग्रामीणों का आरोप है कि यह गड़बड़ी सिर्फ मानगढ़ तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे चौपारण के कई सरकारी स्कूलों में यही हाल है। अनाज और राशन बच्चों तक पहुंचने से पहले ही कथित तौर पर स्कूल प्रबंधन और कुछ शिक्षकों की मिलीभगत से गायब हो रहा है। हजारीबाग DC ने हर मंगलवार जांच के आदेश दिये थे, लेकिन शुरुआत के बाद अफसरों की निगाहें हट गईं, और अनियमितताएं बेखौफ बढ़ गईं। स्थानीय लोग जिला प्रशासन से अचानक निरीक्षण और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ताकि गरीब बच्चों की थाली से पोषण गायब न हो, और उनका हक सुरक्षित रहे।
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