Bihar : गोपालगंज के किसान शिवशंकर प्रसाद का माथा तब झन्ना उठा जब उसने अपने बिजली बिल को देखा। यह बिल सिंचाई को लेकर उनके खेत में लगे मोटर पंप का आया था। टोटल बिजली बिल 16 लाख 98 हजार 835 रुपये आया था। यह बिल केवल दो साल का था। बिजली बिल देख हैरान-परेशान किसान भागा-भागा बिजली ऑफिस पहुंचा। उनके मुख से सिर्फ इतना ही निकला कि इतनी तो उसकी कमाई नहीं हुई, जितना बिल आ गया। बिजली बोर्ड ने अपनी गलती को सुधारते हुये उसके 16 लाख 98 हजार के बिल को 4289 रुपये कर दिया। हालांकि बिजली बिल सुधार देने के बाद भी गांववालों में गुस्सा है, उनका कहना है कि यह बिजली ऑफिस का पुराना रोग है। अनाप-शनाप बिल भेज देना इनकी पुरानी आदत है। भला हो इंजीनियर बाबू का, कि उन्होंने माना कि यह गड़बड़ी हुई है और बिजली बिल को सुधारा।









