Ranchi(Sandeep Banerjee) : रांची से सटे तमाड़ में इन दिनों कुछ अलग ही नजारा है। ढोल-नगाड़ों की गूंज, भक्ति का रंग और लोक परंपरा की जीवंत झलक, हर ओर बस भोलेनाथ की बारात का उत्साह नजर आया। तमाड़ के नीचे मोहल्ला स्थित शिव मंदिर में पांच दिनों तक चलने वाला चैत पर्व पूरे उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। श्रद्धालुओं में एक अजीब से उमंग, तरंग और उत्साह है। मान्यता के अनुसार, गांव के लोग पहले नदी में स्नान करते हैं। फिर शिव मंदिर तक बारात के रूप में पहुंचते हैं, यह सिर्फ परंपरा नहीं श्रद्धा और आस्था का जीवंत रूप है। इस बारात की सबसे खास बात यह है कि करीब 500 लोग ‘कोंका’ बनकर भूत-प्रेत के वेश में शामिल होते हैं, चेहरे पर रंग, अजीब वेशभूषा और हर कदम पर उत्साह। वहीं, दूसरी ओर ‘भोक्ता’ बाराती, जिन्हें देवता का रूप माना जाता है। ये श्रद्धालु 3 से 5 दिन तक उपवास रखते हैं। वहीं, पूरी श्रद्धा से बारात में शामिल होते हैं। शिव मंदिर परिसर रंग-बिरंगी लाइटों से जगमग है। साफ-सुथरे रास्ते, हर तरफ भक्ति का माहौल है। गुजरे चार दिनों से पूरा तमाड़ भक्ति में सराबोर नजर आ रहा है। इस मौके पर झारखंड की पहचान छऊ नृत्य का आयोजन किया गया। झारखंड और बंगाल से आई टीमों ने शानदार प्रस्तुति दी। हर ताल, हर स्टेप दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गया। शिव मंदिर के चारों ओर रंग-बिरंगा मेला लगा है। इसमें दूर-दराज से पहुंचे लोग बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक, सबमें उत्साह है। तमाड़ का यह चैत पर्व झारखंड की जीवंत संस्कृति का उत्सव है।
तमाड़ में उतरी शिव बारात, मेले ने बढ़ाई रौनक… देखें वीडियो #ranchi #tamad #jharkhand #shivbarat pic.twitter.com/O7cVAaJDF9
— KohramLive (@KohramLive) April 12, 2026












