Kohramlive : आज का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है। आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है, जो भगवान शिव के रुद्र रूप से जुड़ी मानी जाती है। आज कोजागर व्रत और शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जा रहा है, जिसे आश्विन पूर्णिमा व्रत भी कहा जाता है। यह दिन ध्यान, उपासना और शिव आराधना के लिए बेहद शुभ माना गया है। मान्यता है कि आज की रात चंद्रमा से अमृत की वर्षा होती है और चांदनी में रखे दूध व खीर में विशेष औषधीय गुण आ जाते हैं। आज राहुकाल: सुबह 08:01 से 09:30 बजे तक और यमगंड: 10:58 से 12:27 बजे तक है। शास्त्रों के मुताबिक इन समयों में कोई भी शुभ कार्य या नया आरंभ करने से परहेज करें।
पूर्वाभाद्रपदा नक्षत्र का प्रभाव
आज चंद्रमा मीन राशि में और पूर्वाभाद्रपदा नक्षत्र में हैं। यह नक्षत्र रुद्र देवता से जुड़ा है और इसका प्रभाव क्रूर कर्म, साहसिक निर्णय, संघर्ष और विरोध जैसे मामलों में अनुकूल रहता है। लेकिन शुभ कार्यों, मांगलिक आयोजनों या नए आरंभ के लिए यह नक्षत्र उचित नहीं माना गया है।
क्या करें आज
रात्रि में खीर या दूध चंद्रमा की रोशनी में रखें, फिर प्रसाद के रूप में ग्रहण करें। शिवजी के रुद्र रूप की आराधना करें।ध्यान और जप के लिए यह दिन विशेष फलदायी माना गया है। धर्म शास्त्रों के मुताबिक ऐसा करना शुभदायी माना गया है।
Disclaimer : यह आर्टिकल पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है, इसकी सटीकता की पुष्टि कोहरामलाइव डॉट कॉम नहीं करता।








