Patna : पटना, सहरसा और सीतामढ़ी की सुबह आज कुछ अलग थी। दीवारों पर दस्तकें थीं, दरवाज़ों के उस पार छिपा था एक राज और भीतर थी वो चुप्पी जो अकसर बेइमानी के घरों में होती है। बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम (BSEIDC) के कार्यपालक अभियंता(इंजीनियर) प्रमोद कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अपनी विधि सम्मत आय से 309.61% अधिक संपत्ति जुटा ली। ये कोई साधारण चूक नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर आर्थिक अपराध है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की अलग-अलग टीमों ने पटना, सहरसा और सीतामढ़ी में एक साथ 7 ठिकानों पर छापेमारी की। जारी प्रेस नोट में पुष्टि हुई कि पटना की विशेष अदालत से वारंट मिलने के बाद ये कार्रवाई की गई। जांच एजेंसियों को लंबे समय से शक था। निगाहें लगी थीं, फाइलें खुल रही थीं और अंततः वो दिन आया जब EOU ने कांड संख्या 13/2025 के तहत प्रमोद कुमार के खिलाफ FIR दर्ज कर दी।

शुरुआती जांच में क्या मिला
शुरुआती जांच में आय से कई गुना अधिक संपत्ति, शासन के विश्वास के साथ किया गया खिलवाड़ और अब खुल रहे हैं मिलीभगत के सुराग। EOU अब उन दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही है जो छापेमारी के दौरान जब्त किये गये हैं। सूत्रों की मानें, तो इस घोटाले में और भी नाम सामने आ सकते हैं।










