Kohramlive : बेंगलुरु शहर में दिनदहाड़े 7.11 करोड़ रुपये की लूट ने तहलका मचा दिया था। ATM मशीनों में कैश भरने जा रही CMS सिक्योरिटीज की कस्टोडियन गाड़ी से हुई इस वारदात ने पुलिस को भी चौंका दिया था। लेकिन इस हाई-प्रोफाइल केस में चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि इसके पीछे वही लोग थे जिन पर रकम की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी। बेंगलुरु पुलिस की तेज कार्रवाई के बाद 54 घंटे के भीतर तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार कर लिये गये। इनमें CMS सिक्योरिटीज का कस्टोडियन व्हीकल सुपरवाइजर रवि, कंपनी का पूर्व कर्मचारी जेवियर एवं गोविंदपुरा पुलिस स्टेशन का कॉन्स्टेबल अन्नाप्पा नाइक शामिल हैं। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने 5.76 करोड़ रुपये भी बरामद कर लिये हैं।
पुलिस जांच में पता चला कि यह लूट कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि तीन महीने पहले इसकी प्लानिंग शुरू कर दी गई थी। वारदात से 15 दिन पहले डेयरी सर्कल फ्लाईओवर को लूट के लिये फाइनल किया गया। आरोपी गाड़ियों की मूवमेंट, टीम की आदतों और रूट की पूरी जानकारी रखते थे। 19 नवंबर को एक कार में आये 5–6 लोगों ने खुद को RBI अधिकारी बताया और ATM में कैश लोड कर रही कस्टोडियन गाड़ी को रोक लिया। एक आरोपी गाड़ी में बैठ गया बाकी आरोपियों ने सिक्योरिटी स्टाफ और गार्ड के मोबाइल छीनकर उन्हें दूसरी कार में बैठाया। इसके बाद करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गये। संदिग्धों की तलाश के लिये बेंगलुरु पुलिस ने 11 टीमें बनाई और 200 अफसरों को लगाया। सर्च ऑपरेशन केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना तक चलाया गया। आखिरकार सबूतों की कड़ियां जोड़ते हुये पुलिस तीनों आरोपियों तक पहुंच गई।






