Hazaribagh(Sunil/Pooja) : हजारीबाग के बड़कागांव की सुबह स्कूल की घंटी तो बजती है, बच्चे भी समय पर पहुंचते हैं, लेकिन किताबें खुलने से पहले ही थाली खुल जाती है। और फिर मास्टर साहब गायब हो जाते हैं। उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय हुदुवा में इन दिनों पढ़ाई से ज्यादा चर्चा शिक्षकों की मनमानी की हो रही है। गांव के कुछ लोग कहते हैं कि “बच्चा पढ़ेगा कैसे, जब गुरुजी ही स्कूल से बाहर मिलें?” कुछ ग्रामीणों का इल्जाम है कि शिक्षक उमेश कुमार महतो और महेश कुमार महतो बच्चों को तय समय से बहुत पहले ही, सुबह करीब 11.30 बजे मिड डे मील करा देते हैं। खाना खत्म और फिर पढ़ाई भी खत्म! क्योंकि उसके बाद शिक्षक स्कूल छोड़कर बाहर निकल जाते हैं। कई बार उन्हें पान दुकानों पर बैठा देखा गया है, जबकि स्कूल में बच्चे बिना निगरानी के बैठे रहते हैं। इल्जाम यह भी है कि कई दिनों तक बच्चों की अटेंडेंस तक ठीक से नहीं बनाई जाती। उपस्थिति पंजी खाली पड़ी रहती है और सरकारी रिकॉर्ड में सब ‘ठीक-ठाक’ दिखा दिया जाता है। गांव के एक बुजुर्ग बोले कि “रजिस्टर खाली है, क्लास खाली है, बस स्कूल का नाम ही चल रहा है।” वहीं, इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता की चिंता अब गुस्से में बदल रही है। वे कहते हैं कि “सरकारी स्कूल पर भरोसा करके बच्चे भेजते हैं, लेकिन वहां पढ़ाई की जगह लापरवाही मिलती है।” वहीं, स्कूल से टीचरों के गायब रहने के सवाल पर प्रिसिंपल क्या बोले, देखें वीडियो….










