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दिनभर की थकान को कहें अलविदा, केवल 15 मिनट की इस योग से…

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Kohramlive : भागती-दौड़ती जिंदगी, घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करना और लगातार मोबाइल-लैपटॉप की स्क्रीन में उलझे रहना अब हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। इसका असर धीरे-धीरे शरीर पर दिखने लगता है, पैरों में भारीपन, तलवों में दर्द, सूजन, कमर की परेशानी और मानसिक थकान जैसी समस्यायें आम हो गई हैं। ऐसे में योग की एक सरल मुद्रा ‘विपरीत करनी’ शरीर को कुछ पल आराम देने का आसान तरीका हो सकती है। इसमें किसी खास उपकरण की जरूरत नहीं पड़ती, बस एक दीवार और कुछ मिनट का समय चाहिये। हालांकि, इसके स्वास्थ्य लाभों पर वैज्ञानिक शोध सीमित हैं और इसका असर हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति पर निर्भर कर सकता है।

विपरीत करनी योग करने का सही तरीका ...

क्या है विपरीत करनी मुद्रा?

विपरीत करनी एक आरामदायक योग मुद्रा है, जिसमें व्यक्ति पीठ के बल लेटकर अपने दोनों पैरों को दीवार के सहारे ऊपर की ओर रखता है। इस दौरान शरीर रिलैक्स अवस्था में रहता है। इसे रेस्टोरेटिव योगासन भी कहा जाता है, क्योंकि इसका मुख्य उद्देश्य शरीर को आराम देना और मन को शांत करना होता है। इस योग से पैरों की थकान और भारीपन में आराम मिल सकता है। जो लोग दिनभर खड़े रहकर काम करते हैं या लंबे समय तक बैठे रहते हैं, उन्हें अक्सर शाम तक पैरों में भारीपन महसूस होता है। विपरीत करनी मुद्रा में पैर ऊपर रहने से कुछ लोगों को आराम महसूस हो सकता है और थकान कम लग सकती है। हालांकि, लगातार सूजन या दर्द होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

तनाव कम करने और नींद की तैयारी में मददगार

शांत वातावरण में कुछ मिनट इस मुद्रा में बैठने या लेटने से शरीर को रिलैक्स होने का मौका मिलता है। धीमी और गहरी सांसों के साथ इसका अभ्यास मानसिक तनाव कम करने और बेहतर नींद की तैयारी में सहायक महसूस हो सकता है। पैरों को ऊपर रखने से लंबे समय तक खड़े रहने के बाद शरीर को आराम मिल सकता है। कुछ लोगों को इससे पैरों में हल्कापन महसूस होता है। लेकिन इसे ब्लड प्रेशर, रक्त संचार या किसी गंभीर बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिये।

ऐसे करें विपरीत करनी मुद्रा

दीवार के बिल्कुल पास बैठ जायें। धीरे-धीरे पीठ के बल लेट जायें और दोनों पैरों को दीवार पर ऊपर रखें। पैरों को आरामदायक स्थिति में रखें। हाथों को शरीर के दोनों ओर ढीला छोड़ दें। सामान्य गति से गहरी सांस लेते रहें। शुरुआत में 10 मिनट और सुविधा के अनुसार 15-20 मिनट तक अभ्यास कर सकते हैं। खत्म करने के बाद धीरे-धीरे करवट लेकर उठें।

इन लोगों को बरतनी चाहिये सावधानी

विपरीत करनी मुद्रा करने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है, खासकर यदि आंखों में ग्लूकोमा या गंभीर नेत्र समस्या हो। हाल ही में कोई सर्जरी हुई हो। गंभीर कमर या गर्दन की चोट हो। अनियंत्रित उच्च रक्तचाप या कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो। यदि अभ्यास के दौरान दर्द, चक्कर या असहजता महसूस हो तो तुरंत मुद्रा रोक दें।

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