- हेमंत सरकार ने RIMS को घोषित किया सेंटर ऑफ एक्सेलेंस
- राज्य भर के सभी अस्पतालों को इलाज में करेगा मदद
RANCHI : कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के साथ झारखंड में इसकी संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर हेमंत सरकार ने तैयारियों शुरू कर दी है। हर जिले में बच्चों के लिए 20 बेड का आईसीयू तैयार किया जा रहा है। अब सरकार राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स को बच्चों को कोविड से बचाने के लिए सेंटर ऑफ एक्सेलेंस घोषित किया है।
Read More :#Ranchi के इस मंदिर में घुसी अनियंत्रित स्कॉर्पियो, ड्राइवर ने कही ये बात…
चीफ हेल्थ सेक्रेटरी ने रिम्स निदेशक को दिया निर्देश
राज्य के एडिशनल चीफ हेल्थ सेक्रेट्री अरुण सिंह की तरफ से इस संबंध में रिम्स के डायरेक्टर को निर्देश दिया गया है। इसके तहत रिम्स के तीन विभाग
- डिपार्टमेंट ऑफ नियोनेटोलॉजी (छोटे बच्चों की देख),
- डिपार्टमेंट ऑफ पिडियाट्रिक ,
- सेंटर ऑफ एक्सिलेंस फॉर मैनेजमेंट ऑफ सैम (SAM) चिल्ड्रेन को शामिल किया गया है। इनको कोविड के दौरान राज्य सरकार के मैटरनल ऑफ न्यू बॉर्न रिसोर्स सेंटर और आईडीएसपी के साथ समन्वय स्थापित कर काम करना होगा।
Read More :ऑक्सीजन के बारे में रोचक तथ्य | Oxygen facts in hindi
RIMS के ये होंगे मुख्य दायित्व
- कोविड-19 के मैनेजमेंट के प्रशिक्षण का काम इन्हीं के माध्यम से तकनीकी मार्गदर्शन पूरे राज्य को प्रदान किया जाएगा
- बच्चों के इलाज से संबंधित सभी प्रोटोकॉल पर मार्गदर्शन इनके माध्यम से ही दिया जाएगा।
- राज्य में सर्वोत्तम संस्थान के रूप में इनकी जिम्मेदारी होगी कि सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में काम कर रहे शिशु रोग विशेषज्ञों को गाइड करें।
Read More :Pubg game के बारे में रोचक तथ्य | Pubg Facts in Hindi
क्यों बनाया गया सेंटर ऑफ एक्सेलेंस
हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारी ने ये सवाल पूछने पर बताया कि रिम्स राज्य का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। राज्य सरकार की तरफ से किसी भी स्वास्थ्य उपकरण का इस्तेमाल सबसे पहले रिम्स में किया जाता है। यहां के संसाधन राज्य के अन्य अस्पतालों से कहीं ज्यादा बेहतर हैं। इसे ध्यान में रखते हुए ही सेंटर ऑफ एक्सेलेंस बनाने का निर्णय लिया गया है।












