Ranchi : राजधानी के जनक नगर पंडरा में हुए भाई-बहन के डबल मर्डर केस का खुलासा रांची पुलिस ने कर लिया। मामले में आरोपी अर्पित अर्णव को पुलिस ने धर दबोचा है। 19 साल का अर्पित रातू थाना इलाके के मां आनन्दमई कालोनी के रहने वाले सुधीर कुमार का बेटा है। यहां याद दिला दें कि गुजरे 18 जून को 17 साल की बेटी श्वेता और 14 साल के बेटे प्रवीण सिंह का बेरहमी से कत्ल कर दिया गया था। वहीं मां चंदा देवी पर भी जानलेवा वार किया गया था। जख्मी चंदा देवी को इलाज के लिए रिम्स में भर्ती कराया गया था।
इस डबल मर्डर केस ने पुलिस को अंदर से हिलाकर रख दिया था। पुलिस कप्तान सुरेंद्र कुमार झा ने मामले को काफी गंभीरता से लिया। कातिल को दबोचने के लिये सिटी एसपी अंशुमन कुमार की देखरेख में एक एसआईटी गठित की। साइबर सेल की भी मदद ली गई। छानबीन के दरम्यान पुलिस को चंदा देवी के मोहल्ले वालों ने बताया कि बेटी श्वेता और अर्पित के बीच इश्क का चक्कर था। अक्सर रात को अर्पित श्वेता सिंह से मिलने उसके छत पर आता था। जब श्वेता की मां को इस बात की भनक लगी तो वह बेटी का विरोध करने लगी। बेटी श्वेता को अर्पित से मिलने साफ मना कर दिया। श्वेता नहीं मानी और अर्पित से छुप-छुप कर मिलना जारी रखी। 17 जून की देर रात भी अर्पित अपनी माशूका श्वेता से मिलने उसके घर की छत पर पहुंचा। राज गुजर चुकी थी और तारीख बदल चुकी थी। मतलब 18 जून की भोर के लगभग साढे तीन से चार बज रहे थे। श्वेता और अर्पित सीढ़ी के नीचे थे। इसी दरम्यान श्वेता की मां चंदा देवी की नींद खुल गई। वह उठी और अपनी स्कूटी को गेट खोल कर घर से बाहर निकाल दी।
बेटी को देख लिया था आपत्तिजनक हालत में
जब वह घर में अंदर घुस रही थी, तब उसकी नजर सीढ़ी के नीचे खड़े अर्पित और बेटी श्वेता पर पड़ी। दोनों आपत्तिजनक हालत में थे। नाबालिग बेटी को अर्पित के साथ उस हालत में देख मां का खून खौल उठा। उसने लड़के को पकड़ कर लप्पड़-थप्पड़ शुरू कर दी। अर्पित ने भी आव देखा न ताव पास पड़े सब्जी काटने वाले चाकू को उठाया और श्वेता की मां पर वार कर दिया। उसने ताबड़तोड़ वार चंदा देवी के गर्दन पर किया। चाकू टूट गया तो फ्रिज पर पड़े हथौड़े पर अर्पित की नजर पड़ी। फिर क्या था… हथौड़ा उठाया और सिर पर दनादन वार कर दिया। मां लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ी। चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर चंदा देवी का बेटा यानी श्वेता को छोटा भाई प्रवीण सिंह उर्फ ओम की नींद खुल गई। वह दौड़ कर अपनी मां को बचाने पहुंचा। अर्पित ने उसके सिर पर भी हथौड़ा से ताबड़तोड़ वार कर दिया। वह वहीं जमीन पर गिर पड़ा। उसके सिर से खून बह रहा था। मां और छोटे भाई को खून से लथपथ देख श्वेता से रहा नहीं गया। उसने अर्पित का विरोध किया। तब अर्पित ने उसपर भी हथौड़ा से वार कर दिया। श्वेता भी लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी। तीनों मां, बेटी और बेटा को खून से लथपथ छोड़ अर्पित छत से होते हुए पीछे के रास्ते भाग गया। श्वेता और प्रवीण की मौत ह गई थी। वहीं मां की सांसे चल रही थी। अर्पित रांची से भाग कर बिलासपुर चला गया। वहां से विशाखापट्टनम, भागलपुर और पटना गया। जब वह पटना से रांची लौट आया तो पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने अर्पित अर्णव के पास से एक मोबाइल फोन और वारदात के दिन पहने हुए कपड़े बरामद किये हैं। कपड़े में सफेद रंग का पैंट, काले रंग का टी शर्ट और काले रंग की चुन्नी शामिल है।
अर्पित को दबोचने में सराहनीय रही इनकी भूमिका
इस डबल मर्डर केस का खुलासा करने में मुख्यालय डीएसपी-1 नीरज कुमार, डीएसपी कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय, साइबर डीएसपी यशोदरा, सुखदेव नगर थानेदार ममता कुमारी, पंडरा ओपी थोनेदार चंद्र शेखर, एसआई धीरज कुमार सिंह, मृत्युंजय कुमार पांडेय, विगेश कुमार पांडेय, टेक्निकल सेल के एएसआई मो. फैजल, आरक्षी अजमत और अबदुल्ला की सराहनीय भुमिका रही।
इसे भी पढ़ें : प्रतिशोध का नतीजा है भाई-बहन का Bru*tal Mu*rder… देखें वीडियो
इसे भी पढ़ें : एक्सप्रेस ट्रेन में जन्मा बच्चा… देखें












