Ranchi : रांची पुलिस कप्तान की फोन की घंटी बजी। सामने से आवाज आई… सर खलारी में सरहुल के जुलूस में एक शख्स अपने कमर में पिस्टल खोस कर घूम रहा है। लगता है कोई कांड करने वाला है। वह सफेद रंग का टी-शर्ट और काला रंग का जीन्स पहने हुए है। फोन पर मिले इंफॉर्मेशन से पुलिस कप्तान किशोर कौशल का माथा ठनका। तुरंत रुरल एसपी नौशाद आलम की देखरेख में खलारी थानेदार इंस्पेक्टर फरीद आलम के नेतृत्व में टीम बनाई गई।
गठित टीम ने सरहुल जुलूस में झांकना शुरू किया। केडी बाजार, खलारी के पास पुलिस की नजर एक शख्स पर पड़ी। वह उजला टी-शर्ट और काला जीन्स पहन रखा था। उसकी हरकतें भी संदिग्द्ध लग रही थी। पुलिस ने उसे दबोच लिया। उसने अपना नाम ब्रजेश सिंह उर्फ राजा सिंह उर्फ ब्रजेश कुमार बताया। तलाशी ली गई तो पुलिस को उसकी कमर की बांई ओर खोंसा हुआ एक देसी पिस्टल मिला। हथियार से संबंधित कोई भी कागजात वह पुलिस को नहीं दिखा पाया। पुलिस को दिये अपने बयान में उसने कबूल किया कि वह खदान में काम करता था। वहां एक शख्स से उसका 36 का आंकड़ा है। उसे सलटाना था। ब्रजेश को यकीन था कि वह शख्स जुलूस में जरूर आयेगा। वह जुलूस में आता और मौका पाते ही उसे सलटा देता। इस काम को अंजाम देने के लिए उसके साथी भी साथ थे। ब्रजेश का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। ब्रजेश को दबोचने में खलारी थानेदार इंस्पेक्टर फरीद आलम, SI मिसील सोरेन, सिपाही अनिल कुमार राम, सुलाराम सोय और गुडविन कंडुलना की सराहनीय भुमिका रही। सुनें क्या बोल गये रुरल एसपी मो नौशाद आलम…
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