Ranchi : बाहर रक्षाबंधन की खुशियां थीं और अंदर जेल की चहारदीवारी। लेकिन प्यार की डोर को न तो दूरी रोक पाई और न ही सलाखें। रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में रक्षाबंधन के दिन भाई-बहन के रिश्ते की ऐसी तस्वीर देखने को मिली, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। सुबह होते ही जेल के बाहर बहनों की भीड़ जुटने लगी। किसी के हाथ में रंग-बिरंगी राखी थी तो किसी के हाथ में मिठाई का डिब्बा। चेहरे पर इंतजार था और दिल में बस एक ही चाहत, भाई की कलाई राखी से सूनी न रहे।
3000 से ज्यादा बहनें पहुंचीं भाइयों के पास
जेल प्रशासन के अनुसार, 3 हजार से अधिक बहनों ने अपने बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। राज्य के अलग-अलग जिलों और दूर-दराज के इलाकों से भी बहनें अपने भाइयों से मिलने पहुंचीं। कई बहनों ने लंबा सफर तय किया, लेकिन भाई से मिलने की खुशी ने रास्ते की थकान को जैसे पीछे छोड़ दिया। मुलाकात का मौका आया तो किसी ने भाई की कलाई पर राखी बांधी, किसी ने मिठाई खिलाई और किसी ने बस कुछ पल बैठकर दिल की बातें कीं। जुबां पर दुआ थी, भाई स्वस्थ रहे, लंबी उम्र पाये और आने वाला कल बेहतर हो।
‘भाई की कलाई सूनी न रहे…’
राखी बांधने पहुंची एक बहन ने कहा कि वह हर साल रक्षाबंधन पर अपने भाई को राखी बांधने आती हैं। उनके लिये सबसे बड़ी खुशी यही है कि राखी के दिन भाई की कलाई सूनी न रहे।उन्होंने भाई की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। रक्षाबंधन को लेकर जेल प्रशासन ने भी बहनों की सुविधा और सुरक्षा के लिये विशेष इंतजाम किये थे। सुरक्षा जांच और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद बहनों को जेल परिसर में प्रवेश दिया गया। इसके बाद उन्हें अपने भाइयों से मुलाकात करने और राखी बांधने का अवसर मिला। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया। जेलर लवकुश कुमार ने मीडिया को बताया कि सुबह से ही बहनों के पहुंचने और राखी बांधने का सिलसिला शुरू हो गया था। अलग-अलग क्षेत्रों से लगातार बहनें पहुंचती रहीं और यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहने की संभावना थी। हर साल रक्षाबंधन पर रांची जेल प्रशासन की ओर से बंदियों की बहनों के लिये विशेष मुलाकात की व्यवस्था की जाती है। इस दिन जेल की ऊंची दीवारों और सलाखों के बीच भी रिश्तों की गर्माहट साफ महसूस होती है।







