Ranchi : रक्षाबंधन आया तो बहनों की हाथों पर राखी सजी और भाइयों के हाथों में तोहफे। कहीं मिठाई बंटी, कहीं कपड़े और आभूषण दिये गये। लेकिन नामकुम के अनिकेत कुमार ने इस बार अपनी बहनों को ऐसा उपहार दिया, जिसमें सिर्फ प्यार नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कार और संस्कृति की खुशबू भी थी। अनिकेत ने अपनी बहनों को तुलसी का पौधा और श्रीमद्भगवद्गीता भेंट की। छोटा-सा यह तोहफा अपने मायने में इतना बड़ा था कि बहनों के चेहरे पर खुशी देखते ही बन रही थी। तुलसी का पौधा पाकर बहन अनुष्का की खुशी साफ झलक उठी। उनका कहना था कि यह सिर्फ एक पौधा नहीं, बल्कि पूरे परिवार और पर्यावरण के लिये उपयोगी सौगात है। घर के आंगन में जब यह तुलसी बढ़ेगी, तो उसके साथ भाई की याद भी हरियाली की तरह खिलती रहेगी। पौधा घर में हरियाली और सकारात्मकता का संदेश देगा।
गीता का उपहार, जिंदगी को राह दिखाने के लिये
वहीं, बहन मुस्कान को जब श्रीमद्भगवद्गीता मिली तो उनके लिये यह किसी महंगे उपहार से कम नहीं था। मुस्कान ने कहा कि गीता जीवन जीने की राह दिखाने वाला अनमोल ग्रंथ है। इसे पढ़ने से न सिर्फ उन्हें, बल्कि परिवार के दूसरे सदस्यों को भी धर्म, कर्म और जीवन के मूल्यों को समझने का अवसर मिलेगा। रक्षाबंधन पर भाई-बहन के रिश्ते में उपहार की अपनी जगह होती है। मगर अनिकेत ने इस परंपरा में एक सुंदर-सी नई सोच जोड़ दी। एक तरफ तुलसी ने प्रकृति से रिश्ता मजबूत किया, तो दूसरी तरफ गीता ने संस्कार और जीवन-मूल्यों की बात कही।
राखी वही, मगर तोहफे का अंदाज बिल्कुल नया… देखें वीडियो
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