Kohramlive : पुरी की पवित्र धरती…जहां हर साल लाखों श्रद्धालु महाप्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा में उमड़ते हैं। इस बार वहीं, भक्ति के उत्सव में अफरा-तफरी और मौत का मातम घुल गया। सुबह के चार बजे जब आसमान में पहली किरण नहीं आई थी, तभी गुंडिचा मंदिर के पास श्रद्धालुओं का जनसैलाब रथों के दर्शन को उमड़ पड़ा। और फिर दो अनुष्ठानिक ट्रकों की भीड़ में अचानक घुसने से भगदड़ मच गई। तीन श्रद्धालुओं की सांसें थम गईं और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गये। भगवान के नाम पर निकले थे और उनके द्वार पर ही मिला अंतिम दर्शन। मृतकों में बसंती साहू (बोलागढ़), प्रेमकांत मोहंती (बालीपटना) और प्रवती दास शामिल हैं।
सरकार की सख्त कार्रवाई, प्रशासन पर गिरी गाज
CM मोहन चरण माझी ने इस लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया। पुरी के जिला कलेक्टर सिद्धार्थ शंकर स्वैन और SP विनीत अग्रवाल को तत्काल हटा दिया गया। DCP विष्णु पति और कमांडेंट अजय पाधी को ड्यूटी में लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया गया। चंचल राणा और पिनाक मिश्रा को नये जिम्मे सौंपे गये। मुख्यमंत्री ने मृतकों के आश्रितों को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की और खुद महाप्रभु के भक्तों से क्षमा याचना करते हुये कहा”हम सब इस त्रासदी के लिए दिल से दुखी हैं। प्रभु से प्रार्थना है कि वे पीड़ित परिवारों को यह दुःख सहने की शक्ति दें।”










