Ranchi : आतंक की गाथा से कभी दूसरे को कंपा देने वाला 2 लाख का ईनामी खूंखार संतोष कंडुलना आज खुद कांपने लगा। चारो तरफ से खुद को पुलिस से घिरा देख उसकी हेंकडी खत्म हो गयी। AK-47 थामे दोनों हाथ खड़े कर मानो, जान बख्श देने के लिए गिड़गिड़ाने लगा। पोजिशन में आ गई पुलिस ने उसे कई मिनट तक होल्ड करके रखा। पूरी तरह से पुलिस के सामने नतमस्तक हो चुके खूंख़ार संतोष ने एक AK-47, दो मैगजीन, 103 जिंदा गोलियां पुलिस को हैंडओवर कर दी। संतोष कोई मामूली उग्रवादी नहीं। वह PLFI का सबजोनल कमांडर निकला। संतोष जैसे ही जंगल से बाहर आया, यह सूचना आईजी अभियान अमोल वेणुकांत होमकर तक पहुंच गई। होमकर ने आगे की कार्रवाई करने की जिम्मेवारी चाईबासा एसपी आशुतोष शेखर को सौंपी। एसपी ने एक स्पेशल टीम का गठन किया।
दरअसल, आईजी को यह सूचना मिली थी कि जंगल से हुकूमत करने वाला संतोष अपने ससुराल आया हुआ है। उसका ससुराल चाईबासा के बंदगांव थाना क्षेत्र के सोगा गांव में है। पूरे लाव-लश्कर के साथ पहुंची पुलिस ने उसके ससुराल को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिस को देखते ही मोस्ट वांटेड संतोष फायरिंग करते हुए घर के पिछले दरवाजे से भागा। पूरी तरह से अलर्ट पुलिस ने उसे भागने का कोई मौका नहीं दिया। मौत को करीब देख संतोष पूरी तरह से घबरा गया। उसने दोनों हाथ खड़े कर पुलिस के सामने अपने हथियार डाल दिए। लगभग 25 साल के संतोष के खिलाफ चाईबासा और खूंटी के अलग-अलग थानों में 32 संगीन मामले दर्ज हैं। इसमें हत्या के 6 और हत्या के प्रयास के 16 मामले शामिल हैं। इस खूंखार को पकड़ने के लिए बनायी गयी स्पेशल टीम में CRPF के कमांडेंट विकास सिंह, चाईबासा के एएसपी उमेश कुमार साह, एसडीपीओ कपिल चौधरी, बंदगांव के थानेदार विकास कुमार, टेबो के थानेदार सुबोध सिंह मुंडा, क्युआरटी, जेजे और सैट 55 के जवान शामिल थे। सुनें क्या बोले चाईबासा के एसपी आशुतोष शेखर
इसे भी पढ़ें : BREAKING : NDA के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार होंगे जगदीप धनखड़
इसे भी पढ़ें : बोकारो में भयावह हादसा, पुलिस अलर्ट मोड में, देखें वीडियो












