Garhwa(Nityanand Dubey) : ऊंची दीवारों और सलाखों के बीच, जहां अक्सर उम्मीदें सिसकती हैं, वहां रविवार को इंसानियत की रोशनी झलकी। गढ़वा के मंडल कारा में जेल अदालत सह स्वास्थ्य शिविर का लगाया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) मनोज प्रसाद के आदेश पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम ने जेल में बंद विचाराधीन कैदियों के लिये न्याय और चिकित्सा दोनों के दरवाजे एक साथ खोल दिये। LADC सदस्यों की मौजूदगी में लगी जेल अदालत में बंदियों को उनके मामलों की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया गया। खासतौर पर उन कैदियों को राहत का भरोसा दिया गया, जो मामूली अपराधों में लंबे समय से बंद हैं। उन्हें बताया गया कि उनके मामलों पर प्राथमिकता से विचार होगा और निःशुल्क कानूनी सहायता हर पात्र बंदी का अधिकार है।
न्याय के साथ-साथ सेहत का भी पूरा इंतज़ाम रहा। सदर अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने जेल परिसर में वृहद स्वास्थ्य शिविर लगाया। ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच, सामान्य बीमारियों की स्क्रीनिंग, जरूरतमंद बंदियों को निःशुल्क दवायें बांटी गई।डॉक्टरों ने स्वच्छता, मौसमी बीमारियों से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर भी बंदियों को जरूरी सलाह दी। LADC सदस्यों ने साफ शब्दों में कहा, “जेल का उद्देश्य केवल सजा देना नहीं, बल्कि इंसान को सुधार की राह दिखाना है। ऐसे कार्यक्रम बंदियों में भरोसा और सकारात्मक ऊर्जा जगाते हैं।” कार्यक्रम में LADC सदस्य प्रवीन्द कुमार साहू, नित्यानंद दुबे, अनीता रंजन, जेलर मेहसाद आलम, चिकित्सक दल और पैरा लीगल वॉलंटियर्स प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।






