Garhwa(Nityanand Dubey) : लोहे की सलाखों के बीच भी उम्मीद की एक सुबह उतर आई। रविवार को झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देश पर और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार अध्यक्ष मनोज प्रसाद के आदेशानुसार गढ़वा मंडल कारा में जेल अदालत सह विधिक जागरूकता शिविर लगाया गया। डालसा सचिव निभा रंजन लकड़ा के निर्देशन में लगे इस शिविर का मकसद था, जेल में बंद उन कैदियों तक न्याय की रोशनी पहुंचाना, जो पैसों की तंगी या जानकारी के अभाव में अदालत का दरवाजा नहीं खटखटा पाते। इस अवसर पर जेलर महताब आलम, एलएडीसी चीफ, डिप्टी चीफ, असिस्टेंट एलएडीसी विजय कुमार, पीएलवी तृप्ता भानु और कई बंदी मौजूद रहे। कैदियों ने अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रखा और कानूनी सलाह ली।
सचिव निभा रंजन लकड़ा ने कैदियों को भरोसा दिलाया,“झालसा का मकसद है कि गरीबी या हालात की मजबूरी किसी को न्याय से दूर न रखे। जो जरूरतमंद हैं, उन्हें हर संभव कानूनी मदद मिलेगी।” उन्होंने कैदियों को उनके कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों की विस्तार से जानकारी दी।






