Kohramlive Desk : केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ट्रेड मार्जिन तय करने की योजना बना रही है। एम मीडिया हाउस को मिली जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के उच्च अधिकारियों का कहना है कि इसका मकसद डायबिटीज, दिल से जुड़ी बीमारियों और किडनी की बीमारी की दवाओं की कीमत में कमी लाना है।
चरणबद्ध तरीके से टेड मार्जिन को किया जाएगा लागू
ट्रेड मार्जिन को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि उद्योगों को बदलाव करने के लिए उचित वक्त मिल सके। सूत्रों का कहना है कि जल्दी ही इसकी घोषणा की जाएगी। सबसे पहले कैंसर से जुड़ी दवाओं के मार्जिन को कम किया जाएगा। विशेष श्रेणी की दवाओं जैसे एंटी डायबिटिक या किडनी की बीमारी से जुड़ी दवाओं के ट्रेड मार्जिन को कम करने की घोषणा की जाएगी। दवाओं के दाम पर नजर रखने वाली नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) इस योजना पर कई महीनों से काम कर रही है।
इस तरह हो सकती है दाम में कमी
ऐसी दवाएं जिनकी कीमत 50-100 रुपये प्रति गोली की श्रेणी में आती हैं उनमें से कम से कम 2.97 फीसद का ट्रेड मार्जिन 50 फीसद से 100 फीसद रहता है। 1.25 फीसद का मार्जिन 100 फीसद से 200 फीसद और 2.41 फीसद का मार्जिन 200 और 500 फीसद के बीच होता है। NPPA की प्रस्तुति के अनुसार अगर किसी दवा का दाम प्रति गोली 100 रुपये है तो उसे महंगी दवा की श्रेणी में रखा जाता है और उनमें 8 फीसद का मार्जिन करीब 200 से 500 फीसद, 2.7 फीसद का मार्जिन 500-1000 फीसद और 1.48 का मार्जिन 1000 फीसद से ज्यादा होता है।
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