Ranchi : झारखंड में छात्रों का आंदोलन के बहाने सियासत भी गर्म हो गई है। हेमंत सोरेन सरकार में शामिल कांग्रेस के चार मंत्रियों ने भाजपा पर पलटवार करते हुये आरोप लगाया कि छात्रों के नाम पर राजनीतिक रोटी सेंकने की कोशिश की जा रही है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सरकार का पक्ष रखा। ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने देश में पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा माफिया को बचाने के लिये भाजपा जानबूझकर CBI जांच की मांग को हवा दे रही है। उनका दावा है कि कई मामलों में CBI जांच का परिणाम अपेक्षित नहीं रहा और मामले लंबे समय तक लटके रहे। मंत्री ने कहा कि उनके अनुसार 2015 से अब तक देश में 152 पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने दावा किया कि कम से कम 17 परीक्षा गड़बड़ी के मामलों की जांच CBI को सौंपी गई, लेकिन 2015 के बाद CBI जांच वाले मामलों में दोषसिद्धि का आंकड़ा बेहद कम रहा है।
NEET से UGC-NET तक जांच का हवाला
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने NEET-UG 2024, UGC-NET 2024, SSC CGL 2017, JEE Main 2021, WB SSC 2016, HP Police Constable 2022, Army CEE 2017 और Karnataka PSI 2021 समेत कई मामलों का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET-UG 2024 मामले में CBI निर्धारित समय सीमा में चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी, जिससे मुख्य आरोपी को डिफॉल्ट जमानत का अवसर मिला। UGC-NET 2024 का जिक्र करते हुये मंत्री ने कहा कि CBI ने कथित पेपर लीक की जांच के बाद क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की और संबंधित सबूत को छेड़छाड़ किया हुआ स्क्रीनशॉट बताया। उन्होंने जुलाई 2026 में फास्ट-ट्रैक कोर्ट से जुड़े घटनाक्रम का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि पहले ही दिन CBI का वकील अदालत में मौजूद नहीं था। दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि यदि उपद्रवियों की वजह से किसी छात्र को चोट पहुंची है तो कांग्रेस उनसे माफी मांगती है।
‘2015 के बाद सिर्फ एक दोषसिद्धि’ का दावा
मंत्री ने दावा किया कि 2015 के बाद इन मामलों में केवल एक दोषसिद्धि हुई, जिसका संबंध हरियाणा न्यायिक सेवा 2017 से था। उन्होंने कहा कि इस मामले में अगस्त 2024 में दिल्ली की अदालत ने फैसला सुनाया, जबकि जांच CBI ने नहीं बल्कि चंडीगढ़ SIT ने की थी। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्रियों द्वारा रखे गये इन आंकड़ों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि यहां नहीं की गई है। दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में झारखंड सरकार ने कार्रवाई शुरू की है और अब तक करीब 20 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले की CID जांच शुरू कराई और JPSC अध्यक्ष से इस्तीफा लिया। उनके मुताबिक, सरकार की कार्रवाई के बाद ही छात्रों का आंदोलन सामने आया। मंत्री ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह परीक्षा एजेंसी को बचाने का प्रयास कर रही है और इसी वजह से CBI जांच की मांग को आगे बढ़ा रही है। दीपिका पांडेय सिंह ने रांची के छात्र आंदोलन की तुलना जंतर-मंतर के आंदोलन से किए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि रांची में छात्रों पर जंतर-मंतर की तरह बर्बर लाठीचार्ज नहीं किया गया, न उन्हें सड़कों पर बेरहमी से पीटा गया और न छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार हुआ। हालांकि, उन्होंने माना कि भीड़ में शामिल उपद्रवियों को हटाने के लिये स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई की। उनका कहना था कि सरकार संवाद के जरिये समाधान निकालने के पक्ष में है। उन्होंने यह भी कहा कि वार्ता के दौरान सरकार आंदोलनरत छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंतित है।
राधाकृष्ण किशोर बोले, ‘भाजपा के एजेंडे पर नहीं चलेंगे’
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं और उनकी मांगों को लेकर गंभीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चाहती है कि आंदोलन जारी रहे, ताकि वह राजनीतिक लाभ उठा सके। उन्होंने कहा कि सरकार भाजपा के एजेंडे पर काम नहीं करेगी। वित्त मंत्री ने मांग की कि छात्र आंदोलन में बाहर से आये उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाये।
इरफान अंसारी का आरोप, ‘बाहर से युवाओं को बुलाया गया’
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने आंदोलन को खराब करने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि बंगाल, बिहार और छत्तीसगढ़ से युवाओं को बुलाकर आंदोलन में शामिल कराया गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुये मेडिकल टीम और मेडिकल बोर्ड का गठन किया। इरफान अंसारी ने भाजपा से सवाल किया कि यदि वह छात्रों की हितैषी है तो विधानसभा में अपनी बात रखे, मुख्यमंत्री आवास का घेराव क्यों करे?
शिल्पी नेहा तिर्की बोलीं, ‘आंदोलन को उग्र करना चाहती थी भाजपा’
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भाजपा पर आंदोलन को उग्र करने और मुद्दे को भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा झारखंड में छात्रों और युवाओं की हितैषी बनने का दिखावा कर रही है, लेकिन राज्य के युवा उसकी नीतियों को समझते हैं। राहुल गांधी पर भाजपा के आरोपों को लेकर उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों को सामने लाकर भाजपा असल सवालों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है।















