Garhwa(Nityanand Dubey) : युवा सिर्फ देश का भविष्य नहीं, बल्कि आज की सबसे बड़ी ताकत हैं। उनके हाथों में किताब हो, मन में सपने हों और अधिकारों की समझ हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं। इसी सोच के साथ अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर बुधवार को गोविंद प्लस टू उच्च विद्यालय, गढ़वा में “सशक्त युवा, सशक्त भारत” विषय पर जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम नालसा जागृति योजना-2025 के तहत झालसा, रांची के दिशा-निर्देश और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार गढ़वा मनोज प्रसाद के आदेश पर आयोजित हुआ।
‘किताबों से दोस्ती करो, कल दुनिया तुमसे दोस्ती करेगी’
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव निभा रंजना लकड़ा ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुये कहा कि आज के युवा ही देश के भविष्य हैं। युवाओं की ऊर्जा देश की सबसे बड़ी ताकत है और सही दिशा मिलने पर यही ऊर्जा इतिहास रच सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिये प्रेरित करते हुये कहा कि किताबों से दोस्ती करो, कल दुनिया तुमसे दोस्ती करेगी। जो रातों को पढ़ते हैं, वही सुबह इतिहास रचते हैं। उन्होंने बेटियों की शिक्षा पर जोर देते हुये कहा कि पढ़ाई के साथ उन्हें अपने अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी भी होनी चाहिये।
छात्राओं को बताये संविधान के अधिकार
LADC सदस्य सुधीर तिवारी ने छात्राओं को संविधान में दिये गये मौलिक अधिकारों, बाल विवाह की रोकथाम, बच्चों एवं महिलाओं से संबंधित कानूनी सहायता और 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिये निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिकार के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को यह समझाया कि कानून की जानकारी केवल किताबों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह रोजमर्रा की जिंदगी में अपने अधिकारों की रक्षा करने की ताकत भी देती है।
एक घंटे की पढ़ाई, जिंदगी भर की कमाई
कार्यक्रम का संचालन करते हुये PLV ने विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के लिये प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज की एक घंटे की पढ़ाई पूरी जिंदगी की कमाई बन सकती है। उन्होंने युवाओं से अपनी प्रतिभा और हुनर को निखारने की अपील करते हुये कहा कि उच्च शिक्षा हासिल कर युवा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। जागरूकता अभियान में युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश भी दिया गया। PLV ने कहा कि नशा व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर करता है। इसकी वजह से कई परिवार टूटते और बिखरते हैं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता और निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा के बारे में भी बताया गया। करीब 150 छात्राओं की मौजूदगी में हुये इस कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्राचार्य ने अतिथियों और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रतिनिधियों के प्रति आभार जताया।















