Kohramlive : कर्नाटक में अब गुटखे की पुड़िया और पान मसाले की बिक्री पर सरकार ने रोक लगा दी है। राज्य सरकार ने गुटखा, पान मसाला और तंबाकू या निकोटीन वाले अन्य प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है। सरकार ने यह कदम लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुये खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत उठाया है। प्रतिबंध के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की अगुवाई में राज्यभर में विशेष निरीक्षण और छापेमारी अभियान शुरू कर दिया गया है। कर्नाटक सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने इसी साल 10 अगस्त को इस संबंध में सरकारी अधिसूचना जारी की। अधिसूचना के मुताबिक, प्रतिबंध जारी होने की तारीख से एक साल तक पूरे कर्नाटक में लागू रहेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित उत्पादों को केवल बेचना ही नहीं, बल्कि उनका बनाना, रखना, एक जगह से दूसरी जगह ले जाना और बांटना भी कार्रवाई के दायरे में आयेगा।
दुकानों से लेकर गोदामों तक नजर
सरकार के इस फैसले के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के नेतृत्व में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों की टीमें प्रतिबंधित तंबाकू और निकोटीन उत्पादों के उत्पादन, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर नजर रख रही हैं। जहां प्रतिबंधित उत्पाद पाये जा रहे हैं, वहां नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने Food Safety and Standards Act, 2006 की धारा 30(2)(a) और Food Safety and Standards (Prohibition and Restrictions on Sales) Regulations, 2011 के Regulation 2.3.4 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुये यह अधिसूचना जारी की है। सरकार का कहना है कि यह कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिये उठाया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि अगर कहीं प्रतिबंधित तंबाकू या निकोटीन उत्पाद बनते, रखे, बिकते या बांटे दिखाई दें तो इसकी जानकारी संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को दें। विभाग ने लोगों से स्वस्थ और नशामुक्त कर्नाटक बनाने में सहयोग करने की अपील की है।















