Delhi : राजधानी दिल्ली में इंडिया ब्लॉक और कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने अपने साथ हुई धक्का-मुक्की और हमले का दर्दनाक अनुभव साझा किया है। पुलिसकर्मियों का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने ड्यूटी पर तैनात जवानों के साथ मारपीट की। कई पुलिसकर्मियों को पीछे से खींचकर गिराया गया और उनके साथ लात-घूंसों से मारपीट की गई। कॉन्स्टेबल दीपेंद्र संधू ने मीडिया को बताया कि वह प्रदर्शनकारियों को समझा रहे थे कि इलाके में धारा 163 लागू है और यहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। उनके मुताबिक, इसी दौरान भीड़ में से एक व्यक्ति ने उन्हें पीछे से खींच लिया। वह जमीन पर गिर गये और इसके बाद उनके साथ लात-घूंसों से मारपीट की गई। दीपेंद्र ने बताया कि हमलावर ने सफेद कपड़े पहन रखे थे और घटना के तुरंत बाद मौके से भाग गया।
हेड कांस्टेबल बोले, हमला सुनियोजित था
हेड कांस्टेबल भूपेंद्र अहलावत के हवाले से मीडिया में आई खबर के अनुसार, उन्होंने इस घटना को सुनियोजित हमला बताया। उनका आरोप है कि कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें पीछे से कमर से पकड़कर गिरा दिया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने हमलावर को पहचानने की कोशिश की तो कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं ने उसे घेर लिया और छिपा लिया। इसके बाद उसे बीच के हरे-भरे रास्ते से सुरक्षित निकाल दिया गया। महिला कांस्टेबल सीमा ने बताया कि घटना आकाशवाणी भवन के पास हुई। उस समय पुलिसकर्मी प्रियंका गांधी के साथ बैठे विधायकों को हिरासत में लेने की कार्रवाई कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान उनका पूरा ध्यान अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने और कानून-व्यवस्था बनाये रखने पर था। चोटों के बारे में उस वक्त सोचने का भी समय नहीं था। घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने भी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार, धक्का-मुक्की और मारपीट के मामलों में कई FIR दर्ज की गई हैं। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल और कानून-व्यवस्था बनाये रखने की जिम्मेदारी निभाई जा रही थी। अब जांच एजेंसियां कथित हमले में शामिल लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही हैं।





