Kohramlive : दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के अचानक निधन की खबर ने फिल्म इंडस्ट्री को गहरे सदमे में डाल दिया। 8 अक्टूबर की सुबह जब उनके निधन की खबर सामने आई तो उनके चाहने वालों से लेकर फिल्म जगत से जुड़े लोगों तक हर कोई स्तब्ध रह गया। नाना पाटेकर की आखिरी फिल्म ‘द कन्फेशन ऑफ मैरी’ के प्रोड्यूसर श्रेयांस हीरावत भी इस खबर पर यकीन नहीं कर पाये। उन्हें जब अभिनेता के निधन की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत नाना के बेटे मल्हार पाटेकर को फोन किया। मल्हार ने जब पिता के निधन की पुष्टि की तो श्रेयांस पूरी तरह टूट गये।
“काश, उनसे दोबारा मिलने का मौका मिल जाता…”
श्रेयांस ने बातचीत में बताया कि नाना के साथ हुई उनकी आखिरी बातचीत बार-बार उनके जेहन में घूम रही है। वह अपनी भावनाओं को रोक नहीं पा रहे थे। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा अफसोस इस बात का है कि नाना से दोबारा मिलने का मौका उनके हाथ से निकल गया। उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि आखिरी फोन कॉल के बाद जिंदगी इतनी तेजी से बदल जायेगी। श्रेयांस के मुताबिक, करीब एक-दो सप्ताह पहले ही उनकी नाना पाटेकर से फोन पर बातचीत हुई थी। उस समय नाना अपनी आगामी फिल्म ‘द कन्फेशन ऑफ मैरी’ को लेकर काफी उत्साहित थे। फिल्म की स्क्रीनिंग टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में हुई थी। नाना खुद 14 सितंबर की स्क्रीनिंग में शामिल नहीं हो पाये थे, लेकिन उन्होंने प्रोड्यूसर से फिल्म देखने वाले दर्शकों की प्रतिक्रिया जरूर पूछी थी। श्रेयांस ने बताया कि बातचीत के दौरान नाना बिल्कुल स्वस्थ और सामान्य लग रहे थे। उनकी आवाज और बातचीत से ऐसा जरा भी महसूस नहीं हुआ कि कुछ ही दिनों बाद ऐसी दुखद खबर सामने आने वाली है।
“मुंबई आओ तो मुझसे मिलना…”
आखिरी बातचीत का जिक्र करते हुये श्रेयांस ने बताया कि फोन रखने से पहले नाना ने उनसे कहा था कि जब वह मुंबई लौटें तो उनसे जरूर मिलें। श्रेयांस को लगा था कि नवरात्रि के दौरान आराम से मुलाकात हो जायेगी। लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। उनके लिये नाना से कही गई वह आखिरी बात अब जिंदगी भर की याद बन गई है। श्रेयांस ने बताया कि ‘द कन्फेशन ऑफ मैरी’ की शूटिंग पूरी हो चुकी थी। फिल्म की डबिंग का काम भी पूरा हो गया था। हालांकि, कुछ डायलॉग्स में बदलाव से जुड़े काम अभी बाकी थे। लेकिन नाना के जाने के बाद फिल्म को लेकर उनकी प्राथमिकता बदल गई है। श्रेयांस का कहना है कि फिल्म का बाकी काम किसी न किसी तरह पूरा कर लिया जायेगा। ‘द कन्फेशन ऑफ मैरी’ के अलावा नाना पाटेकर की ‘शक्ति शालिनी’ और ‘ईठा’ जैसी फिल्मों का भी इंतजार किया जा रहा है। नाना चले गये, लेकिन उनकी आवाज, उनका अभिनय और पर्दे पर निभाये गये किरदार लंबे समय तक दर्शकों के बीच जिंदा रहेंगे। कुछ कलाकार फिल्मों का हिस्सा होते हैं, लेकिन कुछ कलाकार यादों का हिस्सा बन जाते हैं। नाना पाटेकर उन्हीं में से एक थे।





