Kohramlive : बरसों से हिंसा की तपिश झेलता मणिपुर आंसुओं और राख से सना चुराचांदपुर और उसी धरती पर आज उम्मीद का कारवां पहुंचा। शनिवार की सुबह, तेज बारिश की परवाह किये बिना, PM नरेंद्र मोदी जब शांति मैदान में लोगों से मिले, तो पूरा माहौल बदल गया। दो साल पहले भड़की जातीय हिंसा ने यहां की फिज़ाओं को कड़वा कर दिया था। लेकिन भीगे आसमान के नीचे जब PM मोदी ने कहा कि “मैं आपके साथ हूं, भारत सरकार मणिपुर के लोगों के साथ है। उन्होंने राहत शिविरों में रहने वाले उन परिवारों से बातें कीं, जिनकी जिंदगियां हिंसा ने छीन ली थीं। आंसुओं के बीच उम्मीद के शब्द गूंजे,“मणिपुर में शांति लौटेगी, और यह धरती फिर से सपनों से खिलेगी।”
हिंसा की राख पर शांति का सपना
PM मोदी ने माना कि “दुर्भाग्य से इस खूबसूरत क्षेत्र पर हिंसा का साया पड़ा।” लेकिन साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि “अब एक नया सवेरा उग रहा है।” पहाड़ और घाटियों के बीच बसे इस राज्य में शांति ही विकास की जड़ है और भारत सरकार संवाद और समझौतों से उसी बीज को सींच रही है।
विकास का नया अध्याय
भीगी धरती पर जब उन्होंने 7,300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास किया, तो लगा जैसे बदली हुई तस्वीर सामने खड़ी है। 3,647 करोड़ की शहरी सड़कें और जल निकासी परियोजना, 550 करोड़ की मणिपुर इन्फोटेक डेवलपमेंट (MIND), 142 करोड़ की महिला छात्रावास योजना, 105 करोड़ की सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य सुविधायें, 134 करोड़ से 120 स्कूलों का कायाकल्प एवं 502 करोड़ से राष्ट्रीय राजमार्ग का उन्नयन। हर घोषणा में विकास की धड़कन थी, और हर योजना में घायल दिलों पर मरहम।
कनेक्टिविटी – सपनों की डगर
PM मोदी ने कहा कि पहले गांव पहुंचना कितना मुश्किल था, आप सब जानते हैं। अब सैकड़ों गांव सड़क से जुड़े हैं। इंफाल जल्द ही राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ जायेगा। ये सिर्फ सड़कें और रेल लाइनें नहीं, बल्कि टूटे भरोसे को जोड़ने वाली डोर हैं। जहां कभी मेडिकल कॉलेज सिर्फ सपना था, वहां आज चुराचांदपुर में मेडिकल कॉलेज खड़ा है। आयुष्मान भारत योजना से 2.5 लाख से अधिक लोगों को मुफ़्त इलाज मिला। 60,000 से अधिक गरीब परिवारों को पक्के मकान मिले। 3.5 लाख घरों तक नल से जल पहुंचा।
हौंसले और हिम्मत की धरती
PM मोदी ने भावुक होकर कहा कि “मणिपुर की धरती हौसलों और हिम्मत की धरती है। यहां के पहाड़ प्रकृति का उपहार हैं, और यहां के लोग मेहनत की मिसाल।” उन्होंने मणिपुर को “उत्तर-पूर्व का मणि” बताते हुये कहा कि यही रत्न आने वाले समय में पूरे देश की चमक बढ़ायेगा।












