Kohramlive : PM नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच 5 साल बाद ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय बैठक हुई। यह बैठक रूस के कजान में आयोजित की गई थी। बैठक के बाद PM मोदी ने X पर ट्वीट कर लिखा कि “कज़ान ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मौके पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। भारत-चीन संबंध हमारे देशों के लोगों और क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हैं। आपसी विश्वास, आपसी सम्मान और आपसी संवेदनशीलता द्विपक्षीय संबंधों का मार्गदर्शन करेगी।”
पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, “कज़ान ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मौके पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। भारत-चीन संबंध हमारे देशों के लोगों और क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हैं। आपसी विश्वास, आपसी सम्मान और आपसी संवेदनशीलता द्विपक्षीय संबंधों का… pic.twitter.com/qBV7ED5027
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 23, 2024
बैठक के दौरान PM ने कहा कि “सीमा पार पिछले 4 वर्षों में उत्पन्न हुये मुद्दों पर बनी सहमति का हम स्वागत करते हैं। सीमा पर शांति और स्थिरता बनाये रखना हमारी प्राथमिकता रहनी चाहिये। आपसी विश्वास, परस्पर आदर और आपसी संवेदनशीलता हमारे संबंधों का आधार बने आज सभी विषयों पर बात करने का अवसर मिला।” वहीं बैठक के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा, ” दोनों पक्षों के लिए अधिक संचार और सहयोग करना, हमारे मतभेदों और असहमतियों को उचित रूप से संभालना और एक-दूसरे की विकास आकांक्षाओं को पूरा करने में सुविधा प्रदान करना महत्वपूर्ण है। दोनों पक्षों के लिए हमारी अंतर्राष्ट्रीय ज़िम्मेदारी निभाना, विकासशील देशों की ताकत और एकता को बढ़ावा देने के लिए एक उदाहरण स्थापित करना और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में बहु-ध्रुवीकरण और लोकतंत्र को बढ़ावा देने में योगदान देना भी महत्वपूर्ण है।”
16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सदस्य देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल रहे। इस बार पांच अन्य देश भी इस समूह में आधिकारिक रूप से शामिल हो गये हैं। इन पांच देशों में मिस्त्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।









