Kohramlive : अब प्राइवेट प्रॉपर्टी पर तार बिछाने या मोबाइल टावर के खंभे लगाने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को किसी प्राधिकरण से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं है। सरकार ने इस मामले में हाल ही में मार्ग के अधिकार नियम को अधिसूचित किया है। सरकार ने खास तौर पर 5G सेवाओं के क्रियान्वयन को आसान बनाने के लिए छोटे मोबाइल रेडियो एंटीना लगाने या ऊपर से टेलीकॉम तार ले जाने को लेकर बिजली के खंभे, फुट ओवरब्रिज आदि का इस्तेमाल करने के लिए शुल्क के साथ नियमों को भी अधिसूचित किया है।
सरकार ने नोटिफिकेशन में कही यह बात
इस महीने 17 तारीख को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि लाइसेंस लेने वाली कंपनी अगर किसी निजी संपत्ति के ऊपर टेलीग्राफ बुनियादी ढांचे की स्थापना का प्रस्ताव करती है, उसे उपयुक्त प्राधिकरण से किसी अनुमति की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, संबंधित प्राधिकरण को जानकारी देने की जरूरत होगी।
टेलीकॉम कंपनियों को संबंधित इमारत या संपत्ति का विवरण देने के साथ प्राधिकरण से अधिकृत इंजीनियर के प्रमाणपत्र की एक कॉपी देने की जरूरत होगी। उसमें इस बात का वेरिफिकेशन होगा कि भवन या संपत्ति मोबाइल टावर या खंभा लगाने के मकसद से संरचनात्मक रूप से सेफ है।
आगे कहा गया है कि छोटे सेल लगाने के लिए खंभों, यातायात संकेतक जैसे स्ट्रीट फर्नीचर का इस्तेमाल करने वाली टेलीकॉम कंपनियों को शहरी क्षेत्रों में 300 रुपये सालाना और ग्रामीण क्षेत्रों में 150 रुपये प्रति स्ट्रीट फर्नीचर का भुगतान करना होगा। इसमें कहा गया है कि स्ट्रीट फर्नीचर का इस्तेमाल कर केबल लगाने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को सालाना 100 रुपये प्रति स्ट्रीट फर्नीचर का भुगतान करना होगा।
यहां याद दिला दे कि 5जी सेवाओं का इंतजार इसी महीने खत्म हो सकता है। केंद्रीय मंत्री आश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी थी कि टेलीकॉम कंपनियों को 5 जी स्पेक्ट्रम का आवंटन कर दिया गया है। ऐसे में संभावना है कि कंपनियां इसी महीने से 5जी सेवा की शुरुआत कर सकती हैं।
इसे भी पढ़ें : ढोल नगाड़ों के साथ पुलिसकर्मी पहुंचे सीएम आवास, देखें क्या किया मुख्यमंत्री हेमंत के साथ
इसे भी पढ़ें : बड़ी खबर : रसूखदार प्रेम प्रकाश को ED ने दबोचा… देखें
इसे भी पढ़ें : झारखंड में सरकारी नौकरी करना है, तो आज से 23 सितंबर तक है मौका… देखें
इसे भी पढ़ें : स्कूल के बाहर अचानक चीखने चिल्लाने लगे स्टूडेंट्स… देखें वीडियो








